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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Mar 2026, 05:32 pm
ऑनलाइन खाना मंगाने वालों के लिए एक बार फिर जेब पर बोझ बढ़ने वाली खबर है। ज़ोमैटो ने अपने ‘प्लेटफॉर्म शुल्क’ में इजाफा कर दिया है। अब हर ऑर्डर पर ₹12.50 की जगह ₹14.90 चुकाने होंगे, यानी ग्राहकों को हर बार ₹2.40 अतिरिक्त देना पड़ेगा। खास बात यह है कि यह कीमत अभी प्री-जीएसटी है, इसलिए टैक्स जुड़ने के बाद बिल और ज्यादा बढ़ जाएगा। सितंबर 2025 के बाद यह कुछ ही महीनों में फीस में दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे साफ है कि कंपनी अपने रेवेन्यू को बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसका असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं।
करीब 19% बढ़ी फीस, ग्राहकों पर सीधा असर
इस बार प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19.2% का इजाफा हुआ है। यह शुल्क कंपनी ऐप के रखरखाव और सेवाओं को बनाए रखने के लिए लिया जाता है, जो खाने की कीमत, जीएसटी और डिलीवरी चार्ज से अलग होता है। ऐसे में कुल बिल में एक और चार्ज जुड़ने से ग्राहकों का खर्च बढ़ जाता है। खासतौर पर छोटे ऑर्डर करने वालों के लिए यह फीस ज्यादा भारी पड़ती है, क्योंकि उनके कुल बिल में इसका हिस्सा बड़ा हो जाता है।
Swiggy भी ले रहा लगभग समान चार्ज
Swiggy भी इस मामले में पीछे नहीं है। फिलहाल स्विगी टैक्स सहित करीब ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रहा है। आमतौर पर देखा गया है कि दोनों कंपनियां एक-दूसरे के अनुसार अपने चार्ज तय करती हैं, जिससे ग्राहकों को सस्ता विकल्प मिलना मुश्किल हो जाता है। कंपनियां इस शुल्क को टेक्नोलॉजी सुधार और डिलीवरी नेटवर्क को बेहतर बनाने का जरिया बताती हैं, लेकिन यूजर्स के लिए यह किसी ‘साइलेंट टैक्स’ जैसा महसूस होता है।
छोटी बढ़ोतरी, लेकिन कमाई करोड़ों में
₹2.40 की यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए बड़ा फायदा साबित हो रही है। रोजाना लाखों ऑर्डर के हिसाब से ज़ोमैटो को हर दिन करीब ₹40 से ₹50 लाख तक की अतिरिक्त कमाई हो रही है। महीने में यह आंकड़ा ₹12 से ₹15 करोड़ तक पहुंच सकता है और सालाना आधार पर यह ₹150 करोड़ के करीब हो सकता है। यानी छोटी-सी फीस बढ़ाकर कंपनी अपने मुनाफे में बड़ा इजाफा कर रही है।
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