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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 15 Nov 2025, 01:25 pm
दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए आतंकी हमले की जांच अब नूंह के तीन डॉक्टरों तक पहुंच गई है। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े इन डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच के दायरे में आए डॉक्टरों में डॉ. मुस्तकीम, डॉ. रिहान और डॉ. मोहम्मद शामिल हैं। आरोप है कि इनका संपर्क उन डॉक्टरों से था, जो यूनिवर्सिटी में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे।
जांच टीम को कुछ मोबाइल चैट और कॉल डिटेल्स मिली हैं, जिनसे पता चला कि इन डॉक्टरों की बातचीत आतंकी गतिविधियों में शामिल डॉक्टर मोहम्मद उमर से होती थी। इसी आधार पर गुरुवार देर रात इन्हें हिरासत में लिया गया। तीनों डॉक्टर अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। सुन्हेड़ा गांव का रहने वाला डॉ. मुस्तकीम ने हाल ही में अपनी एक साल की इंटर्नशिप पूरी की है और वu चीन से एमबीबीएस कर चुका है।
सूत्रों के मुताबिक डॉ. मुस्तकीम की यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉ. उमर मोहम्मद से लगातार बात होती थी। वही डॉ. मोहम्मद मोहम्मदबास का रहने वाला है, अल फलाह में इंटर्नशिप कर रहा था और उस पर भी आतंकी उमर से करीबी संबंध होने के आरोप हैं। तीसरे डॉक्टर रिहान नूंह के वार्ड नंबर तीन का निवासी है, जिसने अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया और वर्तमान में तावड़ू के एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि तीनों डॉक्टर किसी न किसी रूप में आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में आ गए थे। दिल्ली ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए थे, जिसमें अल फलाह यूनिवर्सिटी से संबद्ध आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर की भी संलिप्तता सामने आई थी। इसी सिलसिले में नूंह के पिनगवां से एक खाद विक्रेता दिनेश कुमार को भी पूछताछ के लिए उठाया गया। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में और भी कई लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय एजेंसियों की टीमों ने मेवात में डेरा डाल रखा है और लगातार छापेमारी तथा पूछताछ जारी है।
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