शंकराचार्य मामले में बड़ा दावा, मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिगों से कुकर्म की पुष्टि, पीड़ित बटुक बोला- अविमुक्तेश्वरानंद ने शोषण किया

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 26 Feb 2026, 02:42 pm
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिगों की मेडिकल रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट शुक्रवार को कोर्ट में पेश होगी। एफआईआर, बयान और धमकी मामले के बीच पुलिस जांच तेज हो गई है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिगों की मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। बुधवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया था। रिपोर्ट को बंद लिफाफे में जांच अधिकारी को दिया गया है और शुक्रवार को इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में गंभीर निष्कर्ष दर्ज हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार किया गया है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्र ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। पुलिस यह जांच कर रही है कि कथित घटना कब, कहां और किसने की।


शिकायत, बयान और एफआईआर की पूरी टाइमलाइन

इस प्रकरण में शिकायत करने वाले आशुतोष महाराज ने दावा किया है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल में पुष्टि हुई है और जल्द न्याय मिलेगा। एक नाबालिग ने मीडिया इंटरव्यू में आरोप लगाए हैं कि अध्ययन के बहाने शोषण किया गया। एफआईआर में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। 18 जनवरी को माघ मेले के दौरान विवाद के बाद 24 जनवरी को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की गई। 8 फरवरी को स्पेशल POCSO कोर्ट में याचिका दाखिल हुई। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 फरवरी को बयान दर्ज हुए। उसी दिन कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में केस दर्ज हुआ। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।


धमकी का मामला और राजनीतिक बयानबाजी

मामले के बीच शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला भी सामने आया है। उनके मोबाइल पर कथित तौर पर वाराणसी कचहरी को उड़ाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने का संदेश आया। ज्वाइंट सीपी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर, शंकराचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। वहीं अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने भी बयान देते हुए राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस वाराणसी में डेरा डाले हुए है और आगे पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।


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