आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की सजा बरकरार, सेशन कोर्ट ने अपील खारिज की

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Apr 2026, 05:21 pm
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रामपुर सेशन कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की 7-7 साल की सजा बरकरार रखी। पैन कार्ड फ्रॉड मामले में उनकी अपील खारिज कर दी गई।

सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को पैन कार्ड फ्रॉड मामले में बड़ा झटका लगा है। रामपुर की सेशन कोर्ट ने दोनों को मिली 7-7 साल की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट भी दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुना चुकी थी। अब इस फैसले के बाद दोनों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं और वे पहले से ही जेल में बंद हैं।


दो पैन कार्ड और अलग-अलग जन्मतिथि बना विवाद की वजह

पूरा मामला 2019 का है, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर पैन कार्ड बनवाए। जांच में सामने आया कि एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज थी। जांच के दौरान इस मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया। कोर्ट ने इसे नियमों का उल्लंघन और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल मानते हुए दोनों को दोषी ठहराया।


निचली अदालत की सजा पर सेशन कोर्ट की मुहर

17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ आजम खान और अब्दुल्ला ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 20 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।


सजा बढ़ाने की मांग पर आगे होगी सुनवाई

सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। इस मामले में पूर्व विधायक काजिम अली खान ने भी याचिका दाखिल की थी। Allahabad High Court ने निर्देश दिया है कि जब सजा बढ़ाने को लेकर सेशन कोर्ट में सुनवाई हो, तब सभी पक्षों को सुना जाए। अब इस पहलू पर आगे सुनवाई की जाएगी, जिससे मामला और लंबा खिंच सकता है।

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