आजम खां को बड़ा झटका, डीएम पर विवादित टिप्पणी में 2 साल की सजा, कोर्ट ने लागाया जुर्माना

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 May 2026, 04:13 pm
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समाजवादी पार्टी नेता आजम खां को रामपुर कोर्ट ने तत्कालीन डीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में दो साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई जारी है।

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को तत्कालीन जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रामपुर की अदालत ने दो साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने तत्कालीन डीएम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। तभी से इस प्रकरण की सुनवाई अदालत में चल रही थी। शनिवार को कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद आजम खां को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था मामला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित एक सभा में कथित तौर पर तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया गया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से मामला दर्ज कराया गया। पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट में लंबे समय से इस मामले की सुनवाई चल रही थी। शनिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने आजम खां को दोषी मानते हुए दो साल की सजा और जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी समय में सपा की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।


अब्दुल्ला आजम के मामले में 18 मई को अगली सुनवाई

इधर, अब्दुल्ला आजम खां और आजम खां से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर भी सुनवाई जारी है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाल ही में दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने अपील दाखिल की है, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग की है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने बहस शुरू की, जो अभी पूरी नहीं हो सकी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय की है।


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