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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 May 2026, 01:29 pm
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून 18 जून के आसपास प्रवेश कर सकता है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून केरल में 26 मई के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए गोरखपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में एंट्री कर सकता है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह फिलहाल संभावित तारीख है और केरल पहुंचने के बाद मानसून की वास्तविक गति के आधार पर सटीक अनुमान लगाया जाएगा। शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप और गर्म मौसम देखने को मिला। मौसम विभाग ने झांसी, ललितपुर समेत 8 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आंधी-बारिश के बाद अब बढ़ेगी गर्मी, 47 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो चुका है, जिसके चलते आने वाले दिनों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा कि दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बढ़ेगा और कई जिलों में लू चलने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान कानपुर, हरदोई, बदायूं और जालौन में हल्की बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 17 मई से 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं बुधवार और गुरुवार को आंधी-बारिश के दौरान प्रदेश में 111 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद कई जिलों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कमजोर रह सकता है इस बार मानसून, फसलों को भी नुकसान
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी स्थितियां बनने लगी हैं, जिससे बारिश प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी भी मानसून पर असर डाल सकती है। पिछले साल उत्तर प्रदेश में सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई थी, लेकिन इस बार जून से सितंबर के बीच कम वर्षा होने की आशंका जताई गई है। हाल ही में हुई आंधी और बारिश से खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार किसानों और प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
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