बहराइच में बोले बृजभूषण, कहा- मुझे संसद में देखना चाहती है जनता

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 02 Dec 2025, 07:09 pm
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बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर आगामी चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जनता उन्हें संसद में देखना चाहती है।

बहराइच पहुंचे पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बात की और संकेत दिया कि वह दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वेच्छा से नहीं, बल्कि जबरदस्ती रिटायर किया गया था, जबकि जनता अब भी उन्हें संसद में देखना चाहती है। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव कहां से लड़ना है, यह जनता ही तय करेगी।


पूर्व सांसद ने बताया कि वह पहली बार 1991 में भाजपा से सांसद चुने गए थे। 1992 में उन्होंने 'स्वस्थ गोंडा, साक्षर गोंडा, हरा-भरा गोंडा' का नारा दिया था, जिसे बाद में बढ़ाकर पूरे देवीपाटन मंडल तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास, शिक्षा और पर्यावरण पर लंबे समय से काम हो रहा है। इसी कड़ी में मंडल के प्रतिभाशाली इंटर छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो 10 जुलाई से शुरू होकर अब 42 ब्लॉकों में संपन्न हुआ। इसी कार्यक्रम में शामिल होने वह बहराइच आए थे।


SIR के मुद्दे को राहुल गांधी समझ नहीं पा रहे

बाबा रामदेव पर पूछे गए सवाल को उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वह इस विषय पर अब कुछ नहीं बोलना चाहते। वहीं ममता बनर्जी के SIR मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट ले जाने पर उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन विपक्ष इसे समझ नहीं पा रहा, खासकर राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि देश में जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, वहां स्वाभाविक रूप से एक स्थान से नाम हटाया जाएगा। इसे हिंदू-मुस्लिम चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस प्रक्रिया में दोनों समुदायों के नाम कट सकते हैं।


ममता बनर्जी बांग्लादेशियों की वजह से चिंतित

बृजभूषण ने कहा कि ममता बनर्जी इसलिए चिंतित हैं, क्योंकि बंगाल में ऐसे कई लोग हैं जिनका संबंध बांग्लादेश से है और वे दोनों देशों में सुविधाएं लेते हैं। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी कहती हैं कि वह कानून नहीं मानेंगी, तो इसका समाधान उनके पास नहीं है।


जहां अत्याचार बढ़े हों, वहां से लड़ेंगे चुनाव

अपने राजनीतिक भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वयं राजनीतिक व्यक्ति हैं और परिस्थितियों के चलते पिछला चुनाव नहीं लड़ पाए। पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दिया था, लेकिन जनता अब भी उन्हें सांसद के रूप में देखना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे क्षेत्र को चिन्हित करेंगे जहां भाजपा के नाम पर अत्याचार बढ़े हों और कार्यकर्ताओं का शोषण हो रहा हो, और वहीं से चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।


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