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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Mar 2026, 12:40 pm
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद कानपुर में शिया समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शहर के ग्वालटोली स्थित मकबरे में बड़ी संख्या में लोग जुटे और खामेनेई की तस्वीर लगाकर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। माहौल गमगीन था और लोगों की आंखों में नाराजगी साफ नजर आ रही थी। इसके बाद पास स्थित शिया इमामबाड़े में या हुसैन, या अब्बास और खामेनेई के समर्थन में नारे लगाए गए। पूरे परिसर में देर तक नारेबाजी होती रही और लोगों ने इस घटना को मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ी क्षति बताया।
इमामबाड़े से सड़कों तक पहुंचा प्रदर्शन
श्रद्धांजलि सभा के बाद प्रदर्शन और तेज हो गया। बड़ी संख्या में लोग हाथों में खामेनेई की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किया गया हमला बेहद पीड़ादायक है। उनका आरोप था कि यह कार्रवाई नाइंसाफी है और इसका जवाब दिया जाएगा। लोगों ने कहा कि ईरान इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
धार्मिक नेताओं ने जताया आक्रोश
शिया मस्जिद सूटरगंज के मौलाना सैय्यद शाहिद बाकरी ने कहा कि खामेनेई की आवाज पूरी दुनिया में सुनी जाती थी और वे दबे-कुचले लोगों के समर्थक थे। उन्होंने कहा कि उनकी मौत से दुनिया भर में आक्रोश है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह हमेशा की तरह पीड़ितों के साथ खड़ी रहे। वहीं हुसैनी फेडरेशन के मुजीबुल हसन ने इस हमले को गलत कदम बताते हुए कहा कि ऐसे नेता को निशाना बनाना निंदनीय है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने कभी किसी पर पहले हमला नहीं किया, बल्कि हमले के बाद जवाब दिया।
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