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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 02 Mar 2026, 02:33 pm
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि स्थिति बेहद चिंताजनक है और भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया। इधर जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान तक ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि भारत सरकार लगातार बैठकें कर रही है और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की तैयारी में जुटी है।
कश्मीर से PoK तक उबाल, कई जगह हिंसा और फायरिंग
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के बेमिना इलाके में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहे। सुरक्षाबलों को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा में बाजार बंद रहे। उधर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी हालात बिगड़ गए। गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े दफ्तरों में आगजनी की, जबकि स्कर्दू में एसपी ऑफिस और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। फायरिंग में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी हिंसक झड़प हुई। पूरे इलाके में हाईअलर्ट है और अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित की गई है।
प्रधानमंत्री आवास पर हाईलेवल बैठक, विदेशों में फंसे भारतीयों पर फोकस
1 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की अहम बैठक हुई। इसमें गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, सीडीएस और वित्त मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और संभावित निकासी योजना पर चर्चा हुई। फिलहाल क्षेत्र का एयरस्पेस काफी हद तक बंद है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। भारत ने हमलों की निंदा करते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
फ्लाइट रद्द, दूतावासों की एडवाइजरी और देश में कड़ी सुरक्षा
मिडिल ईस्ट के बंद एयरस्पेस का असर भारत में भी दिखा। 1 मार्च को 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से लगातार फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है। कुवैत, ओमान, लेबनान और अन्य देशों में भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी की है। इस बीच दिल्ली और पुराने लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों और डिप्लोमैटिक मिशनों के आसपास अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है। दुबई में फंसे भारतीय पर्यटकों ने भी इमरजेंसी अलर्ट मिलने और धमाकों की आवाजें सुनाई देने की बात कही है। कुल मिलाकर हालात नाजुक हैं, लेकिन सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
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