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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Apr 2026, 06:45 pm
मथुरा। वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे के सातवें दिन एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। गुरुवार को लापता मैनेजर पंकज मल्होत्रा का शव हादसे वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर दूर देवरहा घाट और पानीगांव पुल के नीचे मिला। शव पानी में फूलकर ऊपर आ गया था, जिसे गोताखोरों और सेना के जवानों की मदद से बाहर निकाला गया। इसके साथ ही सात दिनों से चल रहा सर्च ऑपरेशन लगभग पूरा हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में गहरा शोक और बेचैनी का माहौल बना दिया है।
7 दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कई एजेंसियां रहीं जुटी
हादसे के बाद से ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई थीं। पहले दिन ही 38 में से 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि 10 शव बरामद हुए थे। इसके बाद से बाकी लोगों की तलाश जारी थी। सेना की 40 सदस्यीय टीम ने भी अभियान में हिस्सा लिया, हालांकि स्टीमर निकालने के बाद सेना की टीम वापस लौट गई थी। अलग-अलग शहरों से आई बचाव टीमों ने मिलकर लगातार कई दिनों तक अभियान चलाया।
हिमाचल के मैनेजर थे पंकज, परिवार में मचा कोहराम
पुलिस के मुताबिक, पंकज मल्होत्रा हिमाचल प्रदेश में एक स्टील कंपनी में मैनेजर थे और 10 अप्रैल को अकेले वृंदावन घूमने आए थे। वह नाव में सवार होकर यमुना में घूम रहे थे, तभी हादसा हुआ। उनके परिजनों को शव मिलने की सूचना दे दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा जाएगा। परिवार के लोगों ने बताया कि पंकज हर साल मथुरा आते थे। उनके पीछे तीन साल की बेटी और नौ साल का बेटा है। इस हादसे में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी जान गंवा चुके हैं, जिससे घर में मातम पसरा है।
तेज हवा और टक्कर बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय यमुना में तेज हवा चल रही थी और नाव तट से करीब 50 फीट दूर थी। अचानक नाव डगमगाने लगी और नाविक का नियंत्रण छूट गया। यात्रियों ने कई बार नाव रोकने को कहा, लेकिन बात नहीं मानी गई। पुल के पास पहुंचते ही नाव टकराई और पलट गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।