महिला आरक्षण को लेकर सपा विधायक नसीम सोलंकी ने पीएम मोदी को कहा थैंक्यू, बोलीं- बेरोजगारी और शिक्षा पर भी ध्यान दें

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Apr 2026, 06:37 pm
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कानपुर की सपा विधायक नसीम सोलंकी ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की भी मांग की और उपचुनाव में हिंसा पर चिंता जताई।

कानपुर। लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा विधायक नसीम सोलंकी ने इस बिल का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और यह कदम उसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में शिक्षा, बेरोजगारी और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को और गंभीरता से काम करने की जरूरत है। इस विषय पर उन्होंने बातचीत के दौरान अपनी राय रखी और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।


महिलाओं को हर क्षेत्र में मिले आगे बढ़ने का मौका

नसीम सोलंकी ने कहा कि एक महिला होने के नाते वह महिला आरक्षण बिल का स्वागत करती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को राजनीति ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अभी भी कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है, खासकर युवाओं के रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को सम्मान दिया है और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।


प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद, पार्टी की भूमिका का भी जिक्र

सपा विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के बारे में सोचने और उन्हें आगे लाने के लिए यह एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर कई जरूरी बातें उठाई हैं। सोलंकी ने बताया कि समाजवादी पार्टी में महिलाओं को हमेशा सम्मान मिला है और उन्हें नेतृत्व के अवसर दिए गए हैं, जो आगे भी जारी रहेंगे।


उपचुनाव में हिंसा पर जताई चिंता

नसीम सोलंकी ने उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया शांतिपूर्ण होनी चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान में दिए गए अधिकार सभी को समान रूप से मिलने चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया को भी निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना जरूरी है।

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