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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Jan 2026, 06:47 pm
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर महानगर में भीषण शीतलहर के बीच दो अस्थायी रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। बरगदवा और राप्तीनगर स्थित रैन बसेरों में मुख्यमंत्री ने न सिर्फ वहां ठहरे लोगों से बातचीत की, बल्कि उनके बीच कंबल और भोजन का भी वितरण किया। इस दौरान सीएम योगी ने साफ कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति खुले में, फुटपाथ या पटरियों पर सोने को मजबूर न हो। सरकार का संकल्प है कि हर जरूरतमंद को सम्मानजनक ठौर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
रैन बसेरों में व्यवस्थाओं परखी, लोगों से की बातचीत
गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों अस्थायी रैन बसेरों में पहुंचकर वहां ठहरे लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने रैन बसेरों में उपलब्ध बिस्तर, साफ-सफाई, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। वहां मौजूद लोगों ने सुविधाओं को संतोषजनक बताया और कड़ाके की ठंड में बेहतर इंतजाम के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। रैन बसेरों के भीतर और बाहर मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सेवा और सहूलियत के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
पूरे प्रदेश में शीतलहर से बचाव के निर्देश
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में है। इससे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी जिलों के प्रशासन और नगर निकायों को युद्ध स्तर पर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हर जिले में व्यापक पैमाने पर रैन बसेरों का संचालन, जरूरतमंदों में कंबल और ऊनी वस्त्रों का वितरण तथा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर महानगर में फिलहाल 19 रैन बसेरे संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब एक हजार जरूरतमंदों के ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की गई है। सभी रैन बसेरे सुरक्षित हैं और व्यवस्थित तरीके से चलाए जा रहे हैं।
एक माह में तीसरी बार फील्ड में उतरे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में जनसेवा और जरूरतमंदों की सुविधा हमेशा शीर्ष पर रही है। इसी कड़ी में वह एक माह के भीतर तीसरी बार गोरखपुर में रैन बसेरों का निरीक्षण करने फील्ड में उतरे। इससे पहले 10 दिसंबर और 28 दिसंबर को भी उन्होंने विभिन्न रैन बसेरों का दौरा कर कंबल वितरण किया था। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संगठनों और धर्मार्थ संस्थाओं से भी अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कहा कि शीतलहर में कंबल और ऊनी वस्त्रों का वितरण पुण्य और मानवता का कार्य है। इस अवसर पर महापौर, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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