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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Nov 2025, 04:48 pm
लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की जांच में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि आतंकी 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन दिल्ली समेत कई शहरों में सिलसिलेवार धमाके करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों में बम और विस्फोटक सामग्री भरकर हमले की तैयारी की थी। इनमें ब्रेज़ा, स्विफ्ट डिजायर, इकोस्पोर्ट और आई-20 जैसी गाड़ियां शामिल थीं। फिलहाल चार कारें बरामद की जा चुकी हैं।
10 नवंबर को जिस आई-20 कार में धमाका हुआ, वह इसी ‘रिवेंज अटैक सीरीज’ का हिस्सा थी। इस ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लोग घायल हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। केंद्र सरकार ने इस हमले को आतंकी वारदात घोषित कर दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इसे लेकर प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इस बीच ब्लास्ट से जुड़ी एक और संदिग्ध गाड़ी हरियाणा के खंदावली गांव में बरामद हुई है। यह गाड़ी उमर नामक आरोपी के ड्राइवर की बहन के घर के पास मिली। जांच के लिए एनएसजी की बम स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंची है और गाड़ी की फोरेंसिक जांच जारी है।
जांच में साजिश के तीन बड़े खुलासे
जांच में तीन बड़े खुलासे हुए हैं। पहला आरोपियों ने जनवरी में लाल किले की रेकी की थी। डॉ. मुजम्मिल गनी और डॉ. उमर नबी ने वहां सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ के पैटर्न की निगरानी की थी। दूसरा 6 दिसंबर को दिल्ली में धमाके का प्लान था, जो मुजम्मिल की गिरफ्तारी से नाकाम हो गया। तीसरा गनी खाद की बोरियों के नाम पर किराए के कमरे में विस्फोटक सामग्री इकट्ठा कर रहा था। पुलिस ने उस कमरे के पास लगे सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार आतंकी मॉड्यूल का केंद्र फरीदाबाद में था, जिसमें छह डॉक्टर शामिल बताए जा रहे हैं। श्रीनगर का एक अन्य आरोपी डॉक्टर निसार फरार है, जो डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर का अध्यक्ष था और अब उसे बर्खास्त कर दिया गया है।
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