यूपी एटीएस की एक और बड़ी कार्रवाई, कानपुर से कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर को उठाया, जानें पूरा मामला

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Nov 2025, 11:54 am
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यूपी के कानपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। यहां एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हृदय रोग संस्थान से एक कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर मोहम्मद आरिफ को दबोचा है। टीम हिरासत में लेकर उसे अपने साथ दिल्ली लेकर गई है। आइये पूरा मामला जानते हैं।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब बुधवार को कानपुर के हृदय रोग संस्थान में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद आरिफ (32) को उसके घर से हिरासत में लिया गया है। आरिफ मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह डॉ. शाहीन शाहिद और उसके भाई परवेज के संपर्क में था। दोनों पर पहले से ही देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। एटीएस अधिकारियों के मुताबिक आरिफ के लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, जिनमें कुछ संदिग्ध डेटा मिलने की बात सामने आई है। उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है, जहां दिल्ली ब्लास्ट में पकड़े गए आरोपियों के सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी। एजेंसियों को संदेह है कि आरिफ शाहीन के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसके संपर्कों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।


कानपुर में अब एटीएस और एनआईए की टीमें लगातार डेरा डाले हुए हैं। टीमों का फोकस शाहीन के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पहचान पर है। सूत्रों के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में सात छात्र ऐसे हैं, जो जम्मू-कश्मीर से हैं और वर्तमान में डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) की पढ़ाई कर रहे हैं। एजेंसियां इन सभी की पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही हैं। कॉलेज के शिक्षकों और सहयोगियों का कहना है कि शाहीन शांत स्वभाव की महिला थी, जो हमेशा हिजाब पहनकर कॉलेज आती थी और अपने काम से काम रखती थी। हालांकि वह अपने धर्म के प्रति बेहद कट्टर थी और मजहबी मुद्दों पर समझौता करने से परहेज करती थी। बुधवार को क्राइम ब्रांच ने शाहीन के पूर्व पति केपीएम अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जफर हयात से भी पूछताछ की। पुलिस ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला से शाहीन की नौकरी से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं, जिनमें नियुक्ति पत्र, कार्यकाल की जानकारी और विभागीय नोटिस शामिल हैं।


आरिफ के मकान मालिक कन्हैयालाल ने बताया कि उसके व्यवहार में कभी कोई संदेह नहीं हुआ। डॉ. आरिफ के आने-जाने का कोई तय समय नहीं था, लेकिन वह शांत स्वभाव के थे और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. उमेश्वर पांडेय ने भी कहा कि आरिफ अपने काम के प्रति समर्पित था और कभी संदिग्ध नहीं लगा। जानकारी के अनुसार डॉ. आरिफ ने बुधवार को सुबह 2 बजे से 5 बजे तक अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी की थी। इसके बाद वह अपने किराए के कमरे अशोकनगर स्थित आवास पर लौट गया था, जहां से एटीएस की टीम ने उसे हिरासत में लिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसका दिल्ली ब्लास्ट या शाहीन नेटवर्क से कितना गहरा संबंध था।


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