आधी रात को दिल्ली में बवाल, मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी पुलिस, फिर जो हुआ, जानकर दंग रह जाएंगे आप

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Jan 2026, 01:22 pm
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दिल्ली के रामलीला मैदान के पास हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल हो गया। मस्जिद से सटी जमीन पर कार्रवाई के समय भीड़ ने पथराव किया, पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर हालात पर काबू पाया।

दिल्ली के रामलीला मैदान के पास सोमवार देर रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम दिल्ली (MCD) ने तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अवैध निर्माण हटाने के लिए कार्रवाई की। रात करीब एक बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में 17 बुलडोजर लगाए गए, जिनकी मदद से बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कई दुकानों को ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बावजूद भीड़ ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।


अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी
तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हुई, वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई। लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और एमसीडी कर्मचारियों व पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद भीड़ को पीछे हटना पड़ा। इस दौरान 4 से 5 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए इलाके को पूरी तरह घेर लिया और कार्रवाई जारी रखी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।


हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने बताया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया है और हर जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं डीसीपी निधिन वलसन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है और फिलहाल इसे रोका नहीं गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। एमसीडी के अनुसार, मस्जिद के बाहर करीब 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध पाए गए थे। इनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए थे, जिसके बाद 22 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था। यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर दिया गया था।


वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद बरकरार
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने एमसीडी के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है और इसके लिए वक्फ बोर्ड को नियमित लीज किराया दिया जाता है। समिति ने यह भी कहा कि उन्हें बारात घर और क्लिनिक हटाने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन कब्रिस्तान से जुड़ी जमीन को लेकर उनकी गंभीर आपत्ति है। 6 जनवरी को ही हाईकोर्ट ने इस मामले में एमसीडी, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल तय की है। फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उससे जुड़ा विवाद दोनों ही सुर्खियों में बने हुए हैं।

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