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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 12 May 2026, 01:27 pm
कानपुर के उर्सला अस्पताल में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह अचानक औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। डीएम ने एडीएम सिटी राजेश कुमार सिंह के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भारी लापरवाही सामने आई। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में 22 डॉक्टर और 32 स्वास्थ्य कर्मचारी बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब मिले। कई मरीज ओपीडी में घंटों से डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन संबंधित डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे। जांच में यह भी सामने आया कि अनुपस्थित डॉक्टरों ने छुट्टी के लिए कोई आवेदन तक नहीं दिया था। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
बाहर की दवाएं लिखने पर लगाई रोक
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी से लौट रही एक महिला मरीज को रोककर उसका पर्चा चेक किया। जांच में सामने आया कि अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों को केवल अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखी जाएं। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। डीएम ने अस्पताल के सीएमएस डॉ. बाल चंद्र पाल को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाएं सुधारने की चेतावनी दी और कहा कि यदि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दो दलाल भी पकड़े गए
निरीक्षण के दौरान डीएम की टीम ने अस्पताल परिसर से दो दलालों को भी पकड़ा। आरोप है कि ये लोग मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराने तथा बेहतर इलाज के नाम पर पैसे लेकर गुमराह कर रहे थे। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में दलालों की एंट्री पूरी तरह रोकी जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल में दलालों की सक्रियता सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई
डीएम ने ड्यूटी से नदारद सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। अनुपस्थित डॉक्टरों में डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. महेश कुमार, डॉ. प्रीती मेहता, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अरुण प्रकाश, डॉ. आरसी यादव, डॉ. बीसी पॉल, डॉ. राजकिशोर, डॉ. एके कनौजिया, डॉ. बृजेंद्र कुमार शुक्ला, डॉ. सूरज शिवहरे, डॉ. अल्तमस खान, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. अपूर्व गुप्ता और डॉ. गीता पोरवाल समेत कई नाम शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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