हापुड़ में सपा जिला उपाध्यक्ष के मकान पर चला बुलडोजर, विरोध में सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, धरना दे रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खदेड़ा

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 13 May 2026, 01:49 pm
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हापुड़ में सपा जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के कथित अवैध मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

हापुड़ में बुधवार को प्रशासन की कार्रवाई के दौरान उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन जब कार्यकर्ता नहीं माने तो उन्हें खदेड़ दिया गया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बीच प्रशासन ने पूरे मकान को ध्वस्त कर दिया। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र के अमीपुर नगोला गांव का बताया जा रहा है।


तालाब की जमीन पर कब्जे का आरोप

प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिली थी कि सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। जांच के बाद राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कार्रवाई के लिए पहुंची। मौके पर एडीएम संदीप कुमार, एएसपी विनीत भटनागर और एसडीएम इला प्रकाश समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से मकान गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। वहीं सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच काफी देर तक बहस होती रही। हालात को देखते हुए बुलंदशहर रोड स्थित सपा कार्यालय के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि और ज्यादा भीड़ मौके पर न पहुंच सके।


हाईकोर्ट के स्टे का दावा, फिर भी जारी रही कार्रवाई

अय्यूब सिद्दीकी का कहना है कि उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लिया था और बुधवार सुबह ही आदेश की प्रति उन्हें मिली थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले को लेकर दोबारा अदालत का रुख करेंगे। दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इला प्रकाश ने कहा कि जिले में ऐसे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।


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