ऊर्जा संकट पर योगी सरकार के बड़े फैसले, अफसरों से लेकर जनता तक को बचत की सलाह, घटेगा मंत्रियों का काफिला

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 13 May 2026, 01:39 pm
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ऊर्जा संकट को देखते हुए यूपी सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। सरकारी काफिले घटाने, वर्चुअल बैठकें बढ़ाने और सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने जैसे कदम उठाए गए हैं। आम लोगों से भी पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाने की अपील की गई है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और वैश्विक हालात को देखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार शाम हुई अहम बैठक में सरकारी खर्च और ईंधन खपत कम करने को लेकर सात महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने तय किया है कि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और अधिकारियों के काफिले अब 50 प्रतिशत तक कम किए जाएंगे। साथ ही सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन जैसे बस और मेट्रो का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा सरकारी बैठकों, सेमिनार और वर्कशॉप को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराने का फैसला भी लिया गया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में ऊर्जा और विदेशी मुद्रा बचाना बेहद जरूरी हो गया है।


वर्क फ्रॉम होम और नो व्हीकल डे पर जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सचिवालय की आधी बैठकें अब वर्चुअल माध्यम से होंगी। मुख्यमंत्री ने बड़ी कंपनियों के लिए भी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने को लेकर एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने आम लोगों से भी कई अपीलें की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाया जाए और पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल किया जाए। लोगों से सजावटी लाइटों का उपयोग घटाने और बिजली बचाने की अपील भी की गई है। इसके अलावा सोने की खरीदारी कम करने और जरूरत न होने पर विदेश यात्राएं टालने की सलाह दी गई है। सरकार चाहती है कि स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कर्मचारियों के जरिए इस अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।


प्रधानमंत्री की अपील के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस

नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए लोगों से ईंधन बचाने, मेट्रो और कारपूलिंग अपनाने, खाने के तेल की खपत घटाने और सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में चल रहे तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है, क्योंकि देश बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है। वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा कि जनता से लगातार त्याग मांगना सरकार की विफलता को दिखाता है। वहीं अखिलेश यादव और संजय सिंह ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सरकार इन फैसलों को जमीन पर लागू करने की तैयारी में जुट गई है।


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