KGMU में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, हिन्दू लड़कियों को प्यार के झांसे में फंसाकर लव जिहाद का आरोप

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 21 Apr 2026, 04:46 pm
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लखनऊ के KGMU में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। आरोपी छात्राओं को बहलाकर बाहर ले जाने की साजिश रच रहा था। जांच में उसकी डिग्री फर्जी मिली, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को आरोपी को पत्रकारों के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। आरोपी पर आरोप है कि वह मेडिकल छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उन्हें बाहर ले जाने की साजिश रच रहा था। बताया जा रहा है कि वह एम्स दिल्ली में विदेशी डॉक्टरों से मिलवाने का झांसा देकर छात्राओं को लखनऊ से बाहर ले जाने की योजना बना रहा था। इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है।


जांच टीम की सतर्कता से खुलासा
यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले पैथोलॉजी विभाग से जुड़े एक मामले के बाद कुलपति के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। इस टीम की जिम्मेदारी परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग छात्राओं को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद टीम ने गुप्त रूप से जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल कैम्प आयोजित कर रहा था और छात्राओं से संपर्क बना रहा था।


मेडिकल कैम्प के जरिए रच रहा था जाल
जांच में पता चला कि आरोपी हसम अहमद नाम का युवक डॉक्टर बनकर लखनऊ में अलग-अलग जगहों पर मेडिकल कैम्प लगा रहा था। 20 अप्रैल को आयोजित एक कैम्प में जब जांच टीम मौके पर पहुंची, तो वहां KGMU के करीब 20 छात्र मौजूद मिले। आरोपी इन छात्राओं को एम्स दिल्ली में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने का लालच देकर अपने साथ ले जाने की योजना बना रहा था। इस दौरान टीम को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और उसके दस्तावेजों की जांच की गई।


फर्जी डिग्री का हुआ खुलासा
सोमवार को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसकी शैक्षणिक डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।


छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही छात्रों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की सलाह दी गई है।

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