गोली मारकर कर दी पिता की हत्या, फिर टुकड़े कर ब्लू ड्रम में छिपाए, पूरा विवाद जान दंग रह जाएंगे आप

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 24 Feb 2026, 04:43 pm
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लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में पैथोलॉजी लैब संचालक की हत्या के मामले में बेटे ने जुर्म कबूल किया। पढ़ाई और करियर को लेकर चल रहे विवाद के बाद घटना हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है। वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या के मामले में उनके 21 वर्षीय बेटे अक्षत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के तीन दिन बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पिता दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। हालांकि पूछताछ के दौरान उसके बयान और हावभाव में विरोधाभास दिखा, जिसके बाद पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


पढ़ाई और करियर को लेकर चल रहा था विवाद

पुलिस जांच में सामने आया है कि पिता और बेटे के बीच पढ़ाई और करियर को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका बेटा मेडिकल की पढ़ाई करे और प्रतियोगी परीक्षा पास कर डॉक्टर बने। वहीं अक्षत कॉमर्स की पढ़ाई कर रहा था और अपना अलग व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखता था। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कई बार बहस हो चुकी थी। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। पुलिस का कहना है कि गुस्से में आकर आरोपी ने यह कदम उठाया। जांच अधिकारी अब यह भी पता लगा रहे हैं कि घटना की योजना पहले से थी या अचानक विवाद के दौरान यह वारदात हुई।


तीन दिन बाद खुद पहुंचा थाने, पुलिस को हुआ शक

घटना के तीन दिन बाद जब आरोपी बेटे ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई तो शुरुआत में मामला सामान्य लगा। उसने बताया कि पिता सुबह घर से निकले थे और उनके मोबाइल बंद आ रहे हैं। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कई बातें संदिग्ध लगीं। घर की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ में भी कुछ तथ्य सामने आए, जिससे शक और गहरा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले भटकाने की कोशिश करता रहा, लेकिन अंततः उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के रहने वाले थे और कई वर्षों से परिवार के साथ आशियाना में रह रहे थे। पत्नी के निधन के बाद वह दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, वह मिलनसार स्वभाव के थे और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। 


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