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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 24 Feb 2026, 12:56 pm
लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब पंजाब से बिहार जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 45 यात्री घायल हो गए। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। 28 गंभीर घायलों को इलाज के लिए SGPGI एपेक्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व राहत टीमों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी। पुलिस ने बस नंबर और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्राइवर के बयान पर उठे सवाल
यह बस लुधियाना से मोतिहारी जा रही थी। यात्रियों का दावा है कि हादसे से पहले बस असंतुलित तरीके से चल रही थी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि चालक ने रास्ते में शराब का सेवन किया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। चालक सोमपाल, जो पानीपत जिले का रहने वाला है, ने पूछताछ में कहा कि एक्सप्रेस-वे पर अचानक ब्रेक लगाने की नौबत आई, जिससे बस बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हालांकि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां ब्रेकर होने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस और परिवहन विभाग दोनों ही चालक के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों की जांच कर रहे हैं।
मानकों की अनदेखी, क्षमता से अधिक यात्री
आरटीओ जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दस्तावेजों में बस फिट पाई गई, लेकिन अंदरूनी ढांचे में बदलाव कर निर्धारित क्षमता से अधिक स्लीपर सीटें बना दी गई थीं। नियमों के अनुसार 16 स्लीपर की अनुमति थी, जबकि अंदर 43 स्लीपर सीटें तैयार कर ली गईं। इतना ही नहीं, बस में करीब 90 यात्रियों को बैठाया गया था। इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीट लगने से आपातकालीन निकास बाधित पाया गया। लंबी दूरी की इस यात्रा के लिए दो ड्राइवर अनिवार्य होते हैं, लेकिन बस केवल एक चालक के भरोसे चलाई जा रही थी। बस पर पहले से 67 चालान लंबित थे, इसके बावजूद यह लगातार सड़कों पर दौड़ रही थी। परिवहन विभाग अब बस की तकनीकी जांच भी करवा रहा है।
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