बच्चों के यौन शोषण मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तारी का डर, हाईकोर्ट में दायर की याचिका, कहा- मेरे खिलाफ साजिश

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 24 Feb 2026, 02:28 pm
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बच्चों से यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में FIR दर्ज हुई थी। पुलिस जांच तेज है और मामले में सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

बच्चों से यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उन्हें आशंका है कि प्रयागराज पुलिस कभी भी उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। 21 फरवरी को कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में FIR दर्ज होने के बाद जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूछताछ के लिए आश्रम भी जा सकती है। इसी संभावित कार्रवाई को देखते हुए शंकराचार्य ने कानूनी राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए साजिश के आरोप

मंगलवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शंकराचार्य ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने अजय पाल शर्मा (एडिशनल पुलिस कमिश्नर) पर साजिश रचने का आरोप लगाया और एक तस्वीर दिखाई, जिसमें कथित तौर पर अधिकारी एक अन्य धार्मिक व्यक्ति के साथ समारोह में दिख रहे हैं। शंकराचार्य ने दावा किया कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही और पूरे मामले को योजनाबद्ध तरीके से उनके खिलाफ खड़ा किया गया है। उनका कहना है कि वह गो-रक्षा अभियान से पीछे नहीं हटेंगे और सच सामने आएगा। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो कठोर दंड होना चाहिए, लेकिन झूठे आरोप साबित होने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।


कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

जानकारी के मुताबिक, 18 जनवरी को माघ मेला क्षेत्र में विवाद के बाद 24 जनवरी को शिकायत दी गई थी। बाद में मामला स्पेशल पॉक्सो कोर्ट पहुंचा, जहां दो बच्चों के बयान दर्ज हुए। 21 फरवरी को कोर्ट के निर्देश पर झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। इसमें शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने माघ मेला क्षेत्र में उस स्थान का निरीक्षण भी किया, जहां उनका शिविर लगा था। दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मामले को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। फिलहाल अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई की प्रतीक्षा है और जांच जारी है।


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