यूपी एटीएस का बड़ा एक्शन, लखनऊ से गिरफ्तार किए 4 आतंकी, रेलवे स्टेशन के सिग्नल को हैक करने की थी तैयारी, पाक से मिला था टारगेट

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Apr 2026, 06:47 pm
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लखनऊ में ATS ने 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान के इशारे पर आगजनी और दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। समय रहते कार्रवाई से बड़ी घटना टल गई।

उत्तर प्रदेश ATS ने लखनऊ में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी देश में आगजनी और दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इनका कनेक्शन पाकिस्तान के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था और ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निर्देश ले रहे थे। समय रहते मिली खुफिया सूचना के आधार पर ATS टीम ने इन्हें दबोच लिया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ, मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।


रेलवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाना था निशाना

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत, लोकेश उर्फ पपला पंडित और अरबाब के रूप में हुई है। ATS के अनुसार, ये लोग लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद बड़ी दुर्घटना कराना और लोगों में दहशत फैलाना था। आरोपियों के पास से एक ज्वलनशील पदार्थ से भरा कैन, 7 मोबाइल फोन और कई पंपलेट बरामद किए गए हैं।


सोशल मीडिया के जरिए विदेशी नेटवर्क से जुड़े थे आरोपी

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी साकिब मेरठ का रहने वाला है और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आया था। Telegram, Instagram और Signal जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए यह गिरोह विदेशी नंबरों और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा था। इन ऐप्स का इस्तेमाल गुप्त बातचीत और साजिशों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था, ताकि एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।


रेकी कर टारगेट तय, QR कोड से मिलती थी रकम

ATS के मुताबिक, आरोपी पहले अलग-अलग शहरों में रेकी करते थे और फिर अपने हैंडलर्स को वीडियो भेजते थे। इसके बदले उन्हें QR कोड के जरिए पैसे मिलते थे। गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ समेत कई जगहों की रेकी की जा चुकी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग छोटी-छोटी आगजनी की घटनाएं करके उसका वीडियो बनाते और विदेशी नेटवर्क को भेजते थे, जिससे उन्हें आगे के निर्देश और भुगतान मिल सके।


कट्टरपंथी विचारधारा से किया जा रहा था ब्रेनवॉश

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए उकसाया जा रहा था। सोशल मीडिया ग्रुप्स के माध्यम से उन्हें हिंसा और दहशत फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। फिलहाल ATS पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


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