बैडटच के इल्जाम में फंसे न्यूरोसर्जन बोले- लड़की साइको है, कुछ भी कह सकती है, आजकल वसूली का धंधा चल रहा है

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Apr 2026, 06:19 pm
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प्रयागराज में न्यूरो सर्जन पर छात्रा ने बैडटच का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। डॉक्टर ने आरोपों को गलत बताया है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, CCTV और गवाहों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में एक न्यूरो सर्जन पर बैडटच का गंभीर आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। BA की एक छात्रा ने डॉ. कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। छात्रा का आरोप है कि जांच के बहाने डॉक्टर ने उसके साथ जबरन छेड़छाड़ की। वहीं डॉक्टर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह साजिश के तहत लगाया गया आरोप है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।


छात्रा का आरोप: जबरन कपड़े उतरवाकर की छेड़छाड़

छात्रा के मुताबिक, वह माइग्रेन के इलाज के लिए डॉक्टर के क्लिनिक गई थी, जहां देर रात करीब 10:30 बजे उसका नंबर आया। उसने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने जांच के नाम पर चैंबर के दरवाजे बंद कर दिए और उसके कपड़े उतरवाने की कोशिश की। विरोध करने पर धमकाया और छेड़छाड़ की। किसी तरह बाहर निकलकर उसने अपने भाई को बुलाया और पूरी घटना बताई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने डॉक्टर का विरोध किया और पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और आगे मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किए जाएंगे।


डॉक्टर का पक्ष: आरोप निराधार, CCTV से होगी सच्चाई साफ

डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि छात्रा पिछले कुछ महीनों से उनके पास इलाज करा रही थी और उसका व्यवहार सामान्य नहीं था। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान स्टाफ मौजूद था और क्लिनिक में CCTV कैमरे लगे हैं, जिनकी जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। डॉक्टर ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया होता तो छात्रा वहीं शोर मचाती। उनका आरोप है कि बाद में कुछ लोग क्लिनिक पर आए और दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।


मेडिकल के दौरान भी हंगामा, पुलिस कर रही जांच

शुक्रवार को छात्रा का मेडिकल परीक्षण डफरिन अस्पताल में कराया गया, जहां कुछ देर के लिए हंगामा भी हुआ। छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक नर्स ने चोरी-छिपे वीडियो बनाने की कोशिश की। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। घटना के समय मौजूद स्टाफ, मरीजों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे और CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।


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