लखनऊ के कैसरबाग में गरजा बुलडोजर, वकीलों के विरोध पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Curated By: | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 May 2026, 01:33 pm
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लखनऊ के कैसरबाग कचहरी क्षेत्र में अवैध चैंबर हटाने पहुंचे प्रशासन का वकीलों ने विरोध किया। हंगामे के बीच पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया।

कैसरबाग में गरजा बुलडोजर, वकीलों के विरोध पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज


लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह कैसरबाग कचहरी क्षेत्र उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम अवैध चैंबर हटाने पहुंची। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान वकीलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद चला अभियान

जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी परिसर के आसपास बने करीब 240 अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने पहले नोटिस जारी कर वकीलों को खुद निर्माण हटाने का समय दिया था। तय समय खत्म होने के बाद भी जब कब्जे नहीं हटे, तब रविवार सुबह प्रशासन बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे तक, सदर तहसील, निबंधन कार्यालय और जिला सत्र न्यायालय के आसपास बड़ी संख्या में अवैध चैंबर बने हुए थे। इनकी वजह से सड़कें संकरी हो गई थीं और रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से इन कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं।




वकीलों ने किया जोरदार प्रदर्शन

कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने “गो बैक” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। हालात बिगड़ते देख भारी पुलिस बल और पीएसी पहले से ही मौके पर तैनात थी। विरोध बढ़ने पर पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठियां भांजीं। इस दौरान कई वकील मौके से भागते नजर आए। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


बिना विकल्प कार्रवाई से नाराज वकील

वकीलों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके चैंबर तोड़े जा रहे हैं, जिससे उनके कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि वर्षों से वे वहीं बैठकर लोगों के केस देखते आ रहे हैं और अचानक कार्रवाई से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन करना जरूरी है और अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध कब्जे पूरी तरह हटने तक कार्रवाई नहीं रुकेगी।


 

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