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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 24 Mar 2026, 01:46 pm
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकटों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट यात्रा से 72 घंटे पहले रद्द करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल एक तय फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा और बाकी रकम वापस कर दी जाएगी। यह बदलाव खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरा है, जो समय रहते अपनी यात्रा योजना बदल लेते हैं। नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे, जिससे सिस्टम को धीरे-धीरे अपडेट किया जा सके।
समय के अनुसार तय होगा रिफंड, देर से कैंसिलेशन होगा महंगा
नए नियमों के तहत अब टिकट रद्द करने का समय ही तय करेगा कि कितना पैसा वापस मिलेगा। अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल की जाती है, तो यात्री को किराए का 25 प्रतिशत काटकर रिफंड मिलेगा। वहीं, अगर टिकट यात्रा से 24 घंटे से 8 घंटे पहले कैंसिल की जाती है, तो 50 प्रतिशत किराया काटा जाएगा। सबसे सख्त नियम आखिरी समय के लिए रखा गया है। अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम समय बचा है, तो टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। रेलवे का मानना है कि इससे सीटों का बेहतर उपयोग होगा और खाली सीटों की संख्या कम होगी।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने में भी मिली बड़ी राहत
रेलवे ने यात्रियों को एक और बड़ी सुविधा दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन शहरों में ज्यादा उपयोगी होगी, जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं। पहले यह सुविधा चार्ट बनने से पहले तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसमें लचीलापन दिया गया है। इससे यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी स्टेशन से यात्रा शुरू करने का विकल्प मिलेगा और समय की भी बचत होगी।
टाउट्स पर लगेगी लगाम, सिस्टम होगा ज्यादा पारदर्शी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, ये बदलाव टिकट दलालों की गतिविधियों को रोकने के लिए भी किए गए हैं। पहले टाउट्स बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें कैंसिल कराकर रिफंड ले लेते थे। नए नियमों से इस तरह की गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी। साथ ही रेलवे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा और असली यात्रियों को ज्यादा फायदा मिलेगा।
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