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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 28 Apr 2026, 04:24 pm
पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी Ram Yash Singh का 83 वर्ष की आयु में 27 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सादगीपूर्ण जीवन के लिए जाने जाते थे। अपने लंबे सेवा काल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में कानून-व्यवस्था संभालते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।
सेवा काल में निभाई अहम जिम्मेदारियां
राम यश सिंह 1985 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, जहानाबाद और गोड्डा जैसे संवेदनशील जिलों में जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य और साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (वीरता) से भी सम्मानित किया गया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रखी जनसेवा
वे डीआईजी (इंटेलिजेंस) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने जनसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्य करते रहे। वे Amitabh Yash के पिता थे। उनके परिवार में पत्नी गीता सिंह समेत अन्य सदस्य हैं।
प्रेरणादायी रहा उनका व्यक्तित्व
राम यश सिंह को एक सख्त, निष्पक्ष और पेशेवर अधिकारी के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने पुलिस सेवा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना। उनका जीवन अनुशासन और समर्पण का उदाहरण रहा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
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