Curated By:
shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 11 May 2026, 11:58 am
गुजरात के सोमनाथ में सोमवार को मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे होने पर भव्य ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है। स्वतंत्र भारत में नए सिरे से बने सोमनाथ मंदिर की 11 मई 1951 को प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इसी ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। पीएम ने हेलिपैड से मंदिर तक करीब 2 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। रास्तेभर लोगों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। मंदिर पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे। पूरे सोमनाथ क्षेत्र को विशेष सजावट और सुरक्षा व्यवस्था से सजाया गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने पहुंचे हैं।
वैदिक मंत्रों के बीच होगा शिखर का अभिषेक
सोमनाथ मंदिर के शिखर का कुंभाभिषेक आज वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया जाएगा। 11 अलग-अलग तीर्थों के जल से मंदिर के शिखर का अभिषेक होगा। इसके लिए 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद ली जाएगी। मंदिर प्रशासन के मुताबिक यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। कार्यक्रम में देशभर से संत, महंत और धार्मिक विद्वान भी शामिल हुए हैं। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान चल रहे हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम तैनात की गई है। कार्यक्रम के दौरान पूरे इलाके में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
15 मिनट का एयर शो बनेगा आकर्षण का केंद्र
सोमनाथ अमृत महोत्सव में भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम भी खास प्रदर्शन करेगी। एयरफोर्स के हॉक Mk-132 विमान मंदिर के ऊपर 15 मिनट तक हवाई करतब दिखाएंगे। विमान जामनगर एयरबेस से उड़ान भरकर करीब 182 किलोमीटर की दूरी तय कर सोमनाथ पहुंचेंगे। एयर शो के दौरान केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़कर आसमान में तिरंगे की आकृति बनाई जाएगी। इसके अलावा चेतक हेलिकॉप्टर से मंदिर परिसर में फूलों की वर्षा भी होगी। वायु सेना अधिकारियों के अनुसार यह प्रदर्शन देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देगा। आयोजन को लेकर पूरे गुजरात में उत्साह का माहौल है। खास बात यह भी है कि साल 2026 महमूद गजनवी के हमले के 1000 साल पूरे होने के कारण भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें- बंगाल में भाजपा को बहुमत, 190 से ज्यादा सीटों पर आगे, कार्यालय पर बजने लगे ढोल नगाड़े, टीएमसी 87 सीटों पर सिमटी