विजय थलापति बने तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री, 9 और मंत्रियों ने भी ली शपथ, राहुल गांधी भी रहे मौजूद

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 10 May 2026, 10:57 am
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अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 59 साल बाद राज्य में DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। TVK ने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया।

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने तमिल भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। समारोह में उस समय हल्का असहज माहौल बन गया जब विजय निर्धारित शपथ के अलावा कुछ और बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि वही पढ़ें जो लिखित रूप में दिया गया है। विजय के साथ उनकी पार्टी के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन और सेल्वी एस कीर्तना जैसे नाम शामिल हैं। फिलहाल सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीतीं। कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के समर्थन के बाद विजय के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन हो गया, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 है। शनिवार को विजय ने राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपे थे, जिसके बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिला। राज्यपाल ने उन्हें 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि 1967 के बाद पहली बार DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। इससे पहले 1963 से 1967 तक कांग्रेस नेता एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे थे। शपथ समारोह की शुरुआत वंदेमातरम से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान और अंत में तमिलगान गाया गया। यह पहली बार रहा जब किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में पूरा वंदेमातरम गाया गया।


फैन क्लब से बनी राजनीतिक ताकत

विजय की राजनीतिक सफलता के पीछे उनका विशाल फैन नेटवर्क बड़ी वजह माना जा रहा है। उनके प्रशंसक संगठन विजय मक्कल यक्कम (VMI) ने चुनाव में बूथ स्तर तक काम किया। 2009 में हजारों छोटे फैन क्लबों को मिलाकर VMI बनाया गया था। बाद में यही संगठन TVK की राजनीतिक ताकत बन गया। फरवरी 2024 में पार्टी के गठन के बाद VMI के जिला पदाधिकारियों को ही पार्टी की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। विक्रविंडी में आयोजित पहली रैली में करीब 8 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी। तमिलनाडु में ‘रसिगर मंद्रम’ यानी फैन क्लब की राजनीति पहले भी कई सितारों को सत्ता तक पहुंचा चुकी है। MGR और जयललिता जैसे नेताओं ने भी इसी मॉडल के जरिए राजनीतिक ताकत हासिल की थी। विजय ने अपनी फिल्मों में बनी आम आदमी के नायक वाली छवि को राजनीतिक अभियान से जोड़ा और इसका फायदा चुनाव में साफ दिखाई दिया।


59 साल बाद टूटा DMK-AIADMK का वर्चस्व

तमिलनाडु की राजनीति पिछले करीब छह दशकों से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर सत्ता हासिल की थी, जबकि 1972 में एमजी रामचंद्रन ने AIADMK बनाकर राज्य में नई राजनीतिक धुरी तैयार की। इसके बाद दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। लेकिन इस बार TVK ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। विजय की पार्टी ने 46 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। उत्तर और तटीय तमिलनाडु में TVK का दबदबा सबसे ज्यादा देखने को मिला। दूसरी ओर DMK और AIADMK दोनों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के कई मंत्री चुनाव हार गए, हालांकि उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन अपनी सीट बचाने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषक इसे तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत मान रहे हैं।


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