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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Feb 2026, 01:07 pm
यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। प्रदेशभर के 8033 परीक्षा केंद्रों पर 49 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। पहले ही दिन 3 नकलची और 5 ‘मुन्ना भाई’ पकड़े गए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई। आखिर इतनी बड़ी परीक्षा की निगरानी कैसे हो रही है? इसका जवाब लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मिलता है, जहां से 75 जिलों के हर परीक्षा केंद्र पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस बार कंट्रोल रूम की क्षमता बढ़ाई गई है और मॉनिटरिंग सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सके।
70 कंप्यूटर सिस्टम और मंडलवार निगरानी
कंट्रोल रूम प्रभारी विवेक नौटियाल के मुताबिक, पिछले साल तक जहां 53 कंप्यूटर सिस्टम से निगरानी होती थी, इस बार 70 वर्किंग सिस्टम लगाए गए हैं। लगभग सभी 75 जिलों के लिए डेडिकेटेड सिस्टम और प्रशिक्षित मैनपावर तैनात की गई है। सिर्फ झांसी और महोबा को एक साथ कवर किया जा रहा है। हर सिस्टम पर एक्सपर्ट कर्मचारी शिफ्ट वाइज काम कर रहे हैं और उनके ऊपर 6 मंडल प्रभारी तैनात हैं। कंट्रोल रूम से लाइव वेबकास्टिंग के जरिए हर परीक्षा कक्ष पर नजर रखी जा रही है। एक केंद्र पर पुरुष कक्ष निरीक्षक को छात्राओं के कक्ष में तैनात देख तुरंत आपत्ति दर्ज कराई गई और महिला निरीक्षक की तैनाती कराई गई। इसी तरह दो छात्राओं को बातचीत करते देख अलर्ट जारी हुआ और कक्ष निरीक्षक को सतर्क किया गया।
सीसीटीवी, स्ट्रांग रूम और 24×7 वेबकास्टिंग
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत आयोजित इस परीक्षा में हर कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग कक्ष की भी 24×7 ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो रही है। प्रश्नपत्र कैमरे की निगरानी में ही खोले जा रहे हैं, जहां केंद्र व्यवस्थापक और मजिस्ट्रेट मौजूद रहते हैं। लखनऊ के साथ प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर में भी रीजनल कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं।
18 जिले संवेदनशील, STF और LIU सक्रिय
इस बार 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है। 222 केंद्र अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील श्रेणी में हैं। इन जगहों पर STF और LIU की विशेष निगरानी है। पहले दिन हापुड़ और बरेली में 3 छात्र UFM के तहत पकड़े गए, जबकि आगरा, फतेहपुर, कन्नौज, कौशाम्बी और इटावा में 5 फर्जी परीक्षार्थियों पर FIR दर्ज हुई। इन मामलों को पकड़ने में कंट्रोल रूम की बड़ी भूमिका रही। साफ है कि इस बार बोर्ड परीक्षा में तकनीक और सख्ती दोनों साथ-साथ चल रही हैं।
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