मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ने का मामला, जमकर हुआ बवाल, हिरासत में आप कार्यकर्ता, जानें पूरा मामला

Curated By: | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 Jan 2026, 02:44 pm
news-banner

काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने लखनऊ में प्रदर्शन किया। पुलिस से नोकझोंक के बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। AAP ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरती और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए बसों में बैठाकर ईको गार्डन ले जाया गया। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।


सरकार पर इतिहास और संस्कृति मिटाने का आरोप
आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव ज्ञान सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जानबूझकर देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा रही है। उनका कहना था कि काशी जैसे पवित्र स्थल पर मौजूद प्राचीन मंदिरों को तोड़ना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर पुराने मंदिरों को मिटाकर अपना नया साम्राज्य गढ़ना चाहती है। पार्टी नेताओं ने इसे हिंदू विरोधी सोच करार देते हुए कहा कि सनातन परंपरा और धार्मिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।


संजय सिंह के निर्देश पर हुआ प्रदर्शन
पार्टी नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह के निर्देश पर किया गया। जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। AAP का कहना है कि मणिकर्णिका घाट केवल काशी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था और परंपरा का प्रतीक है। यहां मौजूद प्राचीन मंदिरों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती। पार्टी ने साफ कहा कि यह मुद्दा विकास बनाम विरासत का है, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।


जवाबदेही तय करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। AAP का कहना है कि जिन अधिकारियों और एजेंसियों की वजह से प्राचीन मंदिरों को नुकसान पहुंचा, उनकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी प्रदेश भर में आंदोलन को और तेज करेगी। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों के साथ इस तरह की तोड़फोड़ से आम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


यह भी पढ़ें- मानहानि के मामले में राहुल गांधी को अंतिम मौका, 20 फरवरी को नहीं पहुंचे तो अदालत ले सकती है सख्त एक्शन

advertisement image