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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 19 Jan 2026, 05:03 pm
कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि अब और ढील नहीं दी जाएगी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी अदालत में उपस्थित नहीं हो सके, जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश पारित किया। यह मामला करीब आठ साल पुराना है और कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है।
कोर्ट में नहीं हुई पेशी, दिया गया अंतिम मौका
सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि मामले की सुनवाई हुई। पिछली तारीख पर इस केस के गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज कराया गया था, जिस पर अधिवक्ताओं की ओर से जिरह भी पूरी की गई थी। सोमवार को अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हो सके। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि अब 20 फरवरी को उन्हें हर हाल में अदालत में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा। कोर्ट ने इसे अंतिम अवसर बताया है, जिससे साफ है कि आगे किसी तरह की राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है।
कर्नाटक चुनाव के बयान से जुड़ा है पूरा मामला
राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि का मामला वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान राहुल गांधी ने वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने खुद को आहत बताते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही यह केस अदालत में लंबित है और समय-समय पर इसकी सुनवाई होती रही है। इस केस ने राजनीतिक गलियारों में भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं।
जमानत पर हैं राहुल गांधी, 20 फरवरी को होगी अहम सुनवाई
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह 20 फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। राहुल गांधी इस प्रकरण में पहले ही अपना बयान दर्ज करा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। हालांकि, अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाली सुनवाई इस मामले में काफी अहम मानी जा रही है। यदि राहुल गांधी तय तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल सभी की नजरें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जिस पर इस केस की आगे की दिशा तय हो सकती है।
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