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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 25 Dec 2025, 07:21 pm
बांग्लादेश में एक बार फिर भीड़ की हिंसा सामने आई है। बुधवार रात करीब 11 बजे राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में भीड़ ने 29 वर्षीय हिंदू युवक अमृत मंडल उर्फ सम्राट को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के मुताबिक मृतक उसी गांव का रहने वाला था। इस घटना ने एक बार फिर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इसी महीने 18 दिसंबर को ढाका के पास हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया था।
पुलिस का कहना है कि अमृत मंडल की हत्या जबरन वसूली के आरोप में की गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अमृत के एक साथी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो हथियार भी बरामद किए गए हैं। राजबाड़ी पुलिस के एसएसपी ने बताया कि अमृत मंडल के खिलाफ पांगशा पुलिस स्टेशन में पहले से कम से कम दो आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है।
जबरन वसूली के आरोप में हुई पिटाई
बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों का आरोप है कि सम्राट लंबे समय से एक आपराधिक गिरोह चला रहा था और जबरन वसूली में शामिल था। बताया गया कि वह कुछ समय तक भारत में छिपा रहा और हाल ही में गांव लौटा था। आरोप है कि उसने गांव के ही निवासी शाहिदुल इस्लाम से जबरन पैसे मांगे थे। बुधवार रात सम्राट अपने कुछ साथियों के साथ शाहिदुल के घर पैसे लेने पहुंचा। इसी दौरान घरवालों ने शोर मचाया और चोर-चोर चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और गुस्साई भीड़ ने सम्राट की पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान उसके अन्य साथी भागने में सफल रहे, जबकि मोहम्मद सलीम को हथियारों के साथ पकड़ लिया गया।
दीपू दास हत्याकांड से भी जुड़ रहा मामला
इस घटना को 18 दिसंबर को हुए दीपू चंद्र दास हत्याकांड से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उस मामले में दावा किया गया था कि दीपू ने फेसबुक पर ईशनिंदा से जुड़ी टिप्पणी की थी, लेकिन जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने भी पुष्टि की है कि दीपू के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार थे। उस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दीपू मेमनसिंह जिले के भालुका में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। अफवाह के बाद भीड़ फैक्ट्री में घुस गई, उसे बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा गया और फिर शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं से बांग्लादेश में हालात और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
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