Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 23 Dec 2025, 03:18 pm
यूपी में 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी प्रॉपर्टी डीलर वाहिद बेग पर प्रशासन का शिकंजा कसता दिख रहा है। मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने वाहिद बेग के बरातघर को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 11:30 बजे से पोकलेन मशीन और दो बुलडोजर बरातघर को जमींदोज करने में जुट गए।
कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध करने की कोशिश जरूर की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल की सख्ती के आगे उनका विरोध ज्यादा देर तक नहीं चल सका। इसके बाद बीडीए ने नियमानुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी की।
स्वीकृत मानचित्र न होने पर प्रशासन ने की कार्रवाई
बीडीए अधिकारियों के मुताबिक, बरातघर का निर्माण बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के किया गया था। इसी आधार पर पहले नोटिस जारी किया गया और बाद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से मौके पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जबकि पुलिस बल की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में रही। बीडीए की टीम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
जारी किया गया था नोटिस, सुनवाई में नहीं पेश हुआ आरोपी
बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि वाहिद बेग ने लगभग 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में बरातघर का निर्माण कराया था, लेकिन कोई स्वीकृत नक्शा पेश नहीं किया गया। छह अक्टूबर को नोटिस जारी कर उसी दिन बरातघर को सील कर दिया गया था। नोटिस के बाद 18 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख तय की गई, लेकिन वाहिद बेग पेश नहीं हुए। बाद में 11 नवंबर को उनके भाई ने प्रार्थना पत्र देकर सील खोलने की मांग की थी और शासन स्तर पर दाखिल पुनरीक्षण से जुड़ा आदेश प्रस्तुत किया गया था। विशेष सचिव के आदेश के तहत पुनरीक्षणकर्ता को सुनवाई का अवसर दिया गया और मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा जोनिंग रेगुलेशन्स के अनुसार पूरे मामले की जांच की गई। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है।
बरातघर में साजिश का आरोप
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 26 सितंबर को हुए बवाल की जांच में यह सामने आया था कि इसी बरातघर में एक बैठक हुई थी, जहां कथित तौर पर साजिश रची गई थी। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कानून और नियमों के तहत बीडीए द्वारा की गई है।
प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।