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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 04 Apr 2026, 01:28 pm
देशभर के रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय रेलवे ने चारबाग रेलवे स्टेशन समेत 52 प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत कुल 146 प्लेटफॉर्मों का विस्तार किया जाएगा, जिससे लंबी यानी 22 से 24 कोच वाली ट्रेनों का संचालन और आसान हो जाएगा। अभी कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म छोटे होने की वजह से ट्रेनों की कुछ बोगियां बाहर रह जाती हैं, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस नई पहल से न सिर्फ यात्रियों की परेशानी कम होगी, बल्कि रेलवे संचालन भी ज्यादा सुचारू हो सकेगा।
प्लेटफॉर्म छोटे होने से यात्रियों को होती है परेशानी
अभी तक कई रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण लंबी ट्रेनों की कुछ बोगियां प्लेटफॉर्म से बाहर रुक जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो आगे-पीछे भागना पड़ता है या फिर जोखिम उठाकर चढ़ना-उतरना पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। चारबाग स्टेशन पर भी यही समस्या लंबे समय से देखी जा रही है, जहां केवल प्लेटफॉर्म नंबर 1 ही इतना लंबा है कि पूरी ट्रेन को समायोजित कर सके। अब प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3, 4 और 5 की लंबाई बढ़ाकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
पार्सल और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को भी मिलेगा फायदा
प्लेटफॉर्म छोटे होने का असर सिर्फ यात्रियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पार्सल सेवाओं पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है। कई बार पार्सल वैन प्लेटफॉर्म से बाहर रह जाती है, जिससे सामान को लोड या अनलोड करना संभव नहीं हो पाता और ट्रेन को बिना पार्सल उतारे ही रवाना करना पड़ता है। इससे लॉजिस्टिक्स सिस्टम प्रभावित होता है और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। प्लेटफॉर्म के विस्तार के बाद पार्सल लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया आसान हो जाएगी, जिससे रेलवे की माल ढुलाई सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी और समय की भी बचत होगी।
अप्रैल के अंत से शुरू होगा काम, 198 करोड़ का बजट तय
रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 198 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य अप्रैल के अंत से शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण में उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों को शामिल किया गया है। सर्वे के अनुसार, अधिकतर प्लेटफॉर्मों की लंबाई 300 से 500 मीटर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे कुल लंबाई 1200 से 1500 मीटर तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को निर्देश दिया है कि अब ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को 22 से 24 कोच वाले फुल रैक के रूप में चलाया जाए। इस बदलाव से ट्रेनों को आउटर पर रोकने की जरूरत खत्म होगी, यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा का अनुभव पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा।
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