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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 04 Apr 2026, 01:57 pm
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की PCS-2024 परीक्षा में 30वीं रैंक हासिल करने वाली कृतिका चौधरी की सफलता की कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है। रात 11:55 बजे रिजल्ट जारी हुआ, लेकिन कृतिका उस समय गहरी नींद में थीं। तभी उनके टीचर का फोन आया और उन्होंने कहा- “डिप्टी कलेक्टर उठिए।” नींद में कृतिका को यह सपना लगा, लेकिन जब दोबारा रोल नंबर चेक किया गया तो सच सामने आ गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन को जगाया, फिर मां को उठाया और घर में खुशी का माहौल बन गया। यह पल उनके और उनके परिवार के लिए बेहद खास बन गया, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता, पहले मेंस में नहीं हो सकी थीं पास
कृतिका बताती हैं कि यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में वह मेंस परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्होंने खुद को बेहतर बनाया। इस बार उन्होंने पूरी रणनीति के साथ तैयारी की और शानदार सफलता हासिल की। कृतिका पिछले 6 साल से प्राइमरी टीचर के रूप में कार्यरत हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई और अनुशासन बनाए रखने में काफी मदद मिली। उनका मानना है कि असफलता सिर्फ एक सीख होती है, जो आपको आगे बढ़ने के लिए और मजबूत बनाती है।
परिवार का साथ बना सबसे बड़ी ताकत
कृतिका अपने परिवार को अपनी सफलता का सबसे बड़ा आधार मानती हैं। उनके पिता जीपीओ में कार्यरत हैं। बड़ी बहन इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी हैं, जबकि छोटी बहन KGMU में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। कृतिका बताती हैं कि उनके माता-पिता ने तीनों बेटियों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी और कभी किसी तरह का भेदभाव नहीं किया। समाज में जहां अक्सर बेटियों की शादी को लेकर दबाव बनाया जाता है, वहीं उनके माता-पिता ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि आज कृतिका इस मुकाम तक पहुंच सकीं और अपने परिवार का नाम रोशन किया।
युवाओं को संदेश- पढ़ाई सबसे बड़ा निवेश है
कृतिका चौधरी अपनी सफलता का मंत्र बताते हुए कहती हैं कि पढ़ाई जीवन का सबसे बड़ा निवेश है। उनका मानना है कि बाकी चीजें समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन शिक्षा हमेशा आपके साथ रहती है और आपको आगे बढ़ने में मदद करती है। इंदिरानगर में उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया। कृतिका का कहना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। उनकी यह कहानी आज के युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
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