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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Jan 2026, 04:06 pm
काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य और उससे जुड़े विवाद के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी पहुंचे, लेकिन वह मणिकर्णिका घाट नहीं गए। सीएम ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार भारत की आस्था को अपमानित करने का काम करती रही है। मठ-मंदिर और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों को विवादित बनाकर सनातनी समाज को भ्रमित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीन और न्यारी काशी में माता अहिल्याबाई से जुड़े विषय पर आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
विकास कार्यों पर अड़ंगे लगाने का आरोप
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कभी भी देश की विरासत और संस्कृति का सम्मान नहीं किया। न ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की गंभीर कोशिश की गई। आज जब देश और विशेषकर काशी विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है, तो कुछ लोग अनावश्यक अड़ंगे लगा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के दौरान भी इसी तरह का माहौल बनाया गया था। उस समय विरोध करने वाले लोग आज उसी कॉरिडोर में जाकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं और सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। पर्यटन और रोजगार में हुए इजाफे को पूरा देश देख रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे समझने को तैयार नहीं है।
दर्शन-पूजन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी पहुंचने पर सबसे पहले श्रीकाशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में विधिवत दर्शन–पूजन किया। इसके बाद वह सीधे सर्किट हाउस पहुंचे और मीडिया को संबोधित किया। सीएम के संभावित मणिकर्णिका घाट निरीक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सतुआ बाबा आश्रम से मणिकर्णिका घाट तक रेड कार्पेट बिछाया गया था। सुबह से ही यातायात प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे और घाट व आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, तमाम तैयारियों के बावजूद मुख्यमंत्री घाट नहीं पहुंचे, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
अहिल्याबाई प्रतिमा विवाद से सियासी पारा गरम
गौरतलब है कि मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, मढ़ी और कथित तोड़फोड़ से जुड़े वायरल वीडियो के बाद बीते कई दिनों से सियासी माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस समेत कई संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि विकास के नाम पर आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं, सीएम योगी के मणिकर्णिका घाट पर न पहुंचने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रशासन और सरकार की ओर से साफ किया गया है कि सभी कार्य आस्था और परंपरा का सम्मान रखते हुए ही किए जा रहे हैं।
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