अखिलेश यादव ने बीजेपी के लिए बोल दी ऐसी बात, भाजपाइयों का चढ़ जाएगा पारा, मामला जानकर आप कहेंगे- अब मचेगा हंगामा

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Jan 2026, 02:11 pm
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मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस और सपा ने सरकार को घेरा। प्रियंका गांधी, खड़गे और अखिलेश यादव ने सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने मूर्तियों को सुरक्षित रखने और विकास कार्य को जरूरी बताया।

काशी के महा श्मशान मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। वहीं जिला प्रशासन और स्थानीय परंपरागत पक्ष इस पूरे मामले को विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़ा बता रहा है।


कांग्रेस और सपा का आरोप, विरासत मिटाने का दावा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि अविनाशी काशी ही भाजपा के विनाश का कारण बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा यह सब सिर्फ पैसे कमाने के लिए कर रही है और न तो काशी से उनका कोई सरोकार है और न ही काशीवासियों की आस्था से। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को मिटाया जा रहा है, जो घोर पाप है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए सवाल उठाया कि क्या जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण विरासत को सहेजते हुए नहीं हो सकता था। उन्होंने यह भी पूछा कि सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियों को मलबे में क्यों डाला गया, उन्हें किसी संग्रहालय में सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया। खड़गे ने जलियांवाला बाग और संसद परिसर के उदाहरण देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।


प्रशासन का पक्ष, सुरक्षित रखी गईं मूर्तियां
दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास परियोजना चल रही है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में किया था। बाढ़ के कारण करीब डेढ़ साल तक काम रुका रहा, जिसे अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि तोड़फोड़ के दौरान मिली सभी कलाकृतियों और मूर्तियों को सांस्कृतिक विभाग की मदद से सुरक्षित कर गुरुधाम में रखा गया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि घाट की किसी भी मूर्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर एआई से बनाए गए भ्रामक वीडियो फैलाए जा रहे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, काम पूरा होने के बाद सभी मूर्तियों को उनके मूल स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा।


अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट और स्थानीय पक्षों की प्रतिक्रिया
महारानी अहिल्याबाई ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत होल्कर ने मूर्तियों के सामने क्षमा याचना और शुद्धि पूजन किया। उन्होंने कहा कि काशी में रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों का अपमान अक्षम्य है और टूटी मूर्तियों का पुरातात्विक महत्व भी है। ट्रस्ट ने मांग की है कि सभी खंडित मूर्तियों के अवशेष उपलब्ध कराए जाएं और उन्हें फिर उसी स्थान पर प्रतिष्ठित किया जाए। वहीं काशी के डोम राजा परिवार के सदस्य विश्वनाथ चौधरी ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण की मांग स्थानीय स्तर से ही उठी थी और यह कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, कोई भी मूर्ति तोड़ी नहीं गई है और सभी को सुरक्षित रखा गया है।


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