यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, पीएचडी स्कॉलर स्टूडेंट के साथ कर दिया कांड! जानकर आप भी हो जाएंगे शॉक्ड

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 28 Oct 2025, 12:33 pm
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने एक पीएचडी स्कॉलर छात्रा से रेप किया है। वह उससे कहता था कि मैं अपनी बीवी से खुश नहीं हूं। तुमसे शादी करूंगा। आइये पूरा मामला जानते हैं।

आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के बेसिक साइंस विभाग के एक प्रोफेसर पर उनकी पीएचडी स्कॉलर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि प्रोफेसर ने दो साल तक शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया है। आरोप है कि प्रोफेसर गौतम जैसवाल उसे मध्यप्रदेश और मथुरा के होटलों में ले जाकर रेप करते थे। पीड़िता के मुताबिक प्रोफेसर अक्सर कहते थे कि वे अपनी पत्नी से खुश नहीं हैं और उससे शादी करना चाहते हैं। इसी बहाने वे उसे हर रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक अपने ऑफिस बुलाते थे। छात्रा का आरोप है कि 25 अक्टूबर को जब उसने प्रोफेसर से उनके झूठे वादों के बारे में पूछा, तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन तोड़ने की कोशिश की, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें।


इस मामले में छात्रा ने रविवार को हिम्मत जुटाकर पुलिस को चैट और कॉल रिकॉर्डिंग सौंपी और न्यू आगरा थाने में प्रोफेसर गौतम जैसवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। सोमवार को पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और बयान दर्ज किए। छात्रा आगरा की ही निवासी है। एफआईआर में छात्रा ने लिखा है कि प्रोफेसर गौतम उसके पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं। उन्होंने शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे कर दो साल तक उसका यौन शोषण किया। वह उसे खजुराहो के एक होटल में तीन दिन तक और हाल ही में मथुरा के एक होटल में भी लेकर गए, जहां उन्होंने जबरन संबंध बनाए। पीड़िता ने कहा कि दो साल से हर रविवार प्रोफेसर उसे खंदारी कैंपस स्थित अपने दफ्तर में बुलाते थे, जहां वे उसके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते थे।


छात्रा ने मेडिकल जांच में भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि लेडी लॉयल अस्पताल में जांच ठीक से नहीं की गई और डॉक्टर ने दबाव डालकर उससे आंतरिक जांच न कराने की सहमति पत्र पर साइन करवा लिए। मामले के खुलासे के बाद राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि पुलिस से सूचना मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन किया गया है। इसमें महिला वकील और विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में प्रोफेसर दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नौकरी से बर्खास्तगी तक शामिल है। एसीपी ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

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