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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 25 Nov 2025, 10:57 am
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। पीएम मोदी का विमान अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे सेना के हेलिकॉप्टर से साकेत कॉलेज पहुंचे। वहां से उन्होंने रामजन्मभूमि तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया। रास्ते भर स्कूली बच्चों ने काफिले पर फूल बरसाए और जगह-जगह महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया।
रोड शो के बाद प्रधानमंत्री राम मंदिर परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने सप्त ऋषियों के दर्शन किए और जलाशय का निरीक्षण भी किया। दोपहर 12:30 बजे अभिजीत मुहूर्त में वे ध्वजारोहण करेंगे। उनके बटन दबाते ही दो किलो की विशेष केसरिया ध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहर उठेगी। इसी के साथ राम मंदिर को पूर्ण रूप से सम्पन्न स्वरूप मान लिया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में करीब सात हजार लोग शामिल हैं। पूरे शहर को लगभग 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी एक दिन पहले ही मंदिर पहुंच चुके हैं।
आंधी-तूफान में सुरक्षित रहेगा ध्वजा, 21 किलो सोने की परत चढ़ी
धर्मध्वजा को इस तरह तैयार किया गया है कि भीषण तूफान में भी सुरक्षित रहे और हवा बदलने पर बिना उलझे सहजता से दिशा बदल ले। ध्वजा के दंड पर 21 किलो सोने की परत चढ़ाई गई है और यह चार किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रामजन्मभूमि परिसर में स्थित सप्त ऋषि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस मंदिर में महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी के मंदिर शामिल हैं।
गुजरात के 6 कलाकारों ने 25 दिन में तैयार किया विशेष ध्वज
राम मंदिर के शिखर पर एक विशाल ध्वज फहराया जाएगा। इसे गुजरात के छह कलाकारों ने 25 दिनों में तैयार किया है। सुबह रामलला की मंगल आरती हुई, जिसमें वे सोने और रेशम के धागों से बने पीतांबर वस्त्रों में अलंकृत थे। यह विशेष पोशाक डिजाइनर मनीष तिवारी ने तैयार की है। रामपथ पर विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं और कलाकार डीजे की धुन पर नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं। साधु-संतों ने शंख बजाकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। PM मोदी ने भगवान शेषावतार के दर्शन भी किए। यह मंदिर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण को समर्पित है, जिनके बारे में मान्यता है कि वे शेषनाग के अवतार थे।
क्या बोले प्रभु श्री राम के लिए पोषाक तैयार करने वाले मनीश त्रिपाठी
रामलला के कॉस्ट्यूम डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने ध्वजारोहण के अवसर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सबके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि आज के लिए रामलला की विशेष पोशाक तैयार की गई है, जो इस शुभ अवसर की भव्यता को और बढ़ाएगी।
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