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Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Dec 2025, 02:20 pm
गोरखपुर में हुए अंबुज हत्याकांड के मामले में उसका करीबी दोस्त आयुष सिंह मुख्य विलेन बनकर सामने आया है। पुलिस पूछताछ में आयुष ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। उसने जो कबूलनामा दिया है, उसके मुताबिक आरोपी ने 40 हजार रुपए में अंबुज से अवैध पिस्टल खरीदी थी, लेकिन पिस्टल खराब निकली। पैसे वापस मांगने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आयुष ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बेसबॉल और डंडे से अंबुज को पीटकर अधमरा कर दिया और उसे कार में डालकर ले गया। रास्ते में उसका गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए कपड़े उतार दिए, उंगली काटी और फिर कुल्हाड़ी से सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद शव के टुकड़े कर महराजगंज जिले में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिए।
दोस्त के साथ हल्दी कार्यक्रम में शामिल होने निकला था अंबुज
26 नवंबर को अंबुज अपने घर से आयुष के साथ ‘हल्दी कार्यक्रम’ में जाने की बात कहकर निकला था। देर रात फोन बंद होने और अगले दिन भी घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और CCTV फुटेज खंगाले। आयुष से पूछताछ की गई तो पहले उसने बहाना बनाया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में सब कुछ स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव के टुकड़े और हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली।
आरोपी के दोस्त की थी हत्या में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार
पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल अर्टिगा कार आयुष के दोस्त की थी। शव पांच दिन पुराना होने के कारण सड़ा हुआ मिला। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। माहौल तनावपूर्ण होने से घर के आसपास चार थानों की पुलिस और PAC तैनात की गई।
जब एंबुलेंस शव लेकर घर पहुंची, तो मां और बहन बेसुध हो गईं। मां बार-बार बेटे को घर के अंदर लाने की गुहार लगाती रहीं। पिता ने एंबुलेंस में ही बेटे का पिंडदान किया और फिर राजघाट में अंतिम संस्कार कराया। अंबुज परिवार का इकलौता बेटा था।
आरोपियों के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस ने अब मामले को हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करने और षड्यंत्र की धाराओं में परिवर्तित कर दिया है। आयुष और एक अन्य आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
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