संभल में फिर उठा मंदिर-मस्जिद विवाद, बैरिकेडिंग हटा पदयात्रा निकालने लगे लोग, मचा हंगामा

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 19 Nov 2025, 01:15 pm
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संभल में जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया है। यहां हिंदू धर्मगुरुओं ने पदयात्रा निकालने का एलान किया है। इसको लेकर लोग बुधवार को जुटने लगे हैं। वह बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ रहे हैं। आइये पूरा मामला जानते हैं।

संभल में कैलादेवी मंदिर के महंत और जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर प्रकरण में दायर याचिका के वादी ऋषिराज गिरि महाराज द्वारा बुधवार को पदयात्रा निकालने की घोषणा के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुबह से ही कैलादेवी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे महंत ऋषिराज गिरि ने बैरिकेड हटवाकर श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक जाने दिया। इसके बाद साधु-संतों और भक्तों की भीड़ और बढ़ती चली गई, जिससे हालात संवेदनशील हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीओ आलोक भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे शहर में पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। जामा मस्जिद, चौधरी सराय संवेदनशील इलाकों समेत प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।


ड्रोन कैमरों से की जा रही जामा मस्जिद की निगरानी

एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के अनुसार जिले में धारा 163 प्रभावी है, जिसके तहत किसी भी प्रकार का जुलूस या भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पदयात्रा से तनाव की आशंका को देखते हुए ड्रोन कैमरों से जामा मस्जिद क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। स्थानीय खुफिया इकाई को हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सक्रिय कर दिया गया है।


याचिका में दावा किया गया कि हरिहर मंदिर है जामा मस्जिद

यह पूरा मामला 19 नवंबर 2024 को दायर उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया था कि जामा मस्जिद का मूल स्वरूप श्री हरिहर मंदिर था। इस दावे के एक वर्ष पूरे होने पर महंत ऋषिराज गिरि ने पदयात्रा निकालने का आह्वान किया था। चर्चा है कि पदयात्रा जामा मस्जिद क्षेत्र तक ले जाई जा सकती है, जिसके कारण प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। महंत का कहना है कि पदयात्रा का उद्देश्य हरिहर स्थल की परिक्रमा करना और अधिक से अधिक सनातनियों को जोड़ना है। उधर एएसपी कुलदीप सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ कैलादेवी मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जामा मस्जिद क्षेत्र में अतिरिक्त बैरिकेडिंग और पुलिस, पीएसी, आरआरएफ की संयुक्त तैनाती की गई है। वाद दायर करने वालों में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन सहित पार्थ यादव, महंत ऋषिराज गिरि, राकेश कुमार, जीतपाल सिंह यादव, मदनपाल, वेदपाल और दीनानाथ शामिल हैं।


पिछले साल 24 नवंबर को हुआ था था बवाल, पांच की मौत

इस प्रकरण में पहले भी तनाव भड़क चुका है। 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अब तक 107 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, जामा मस्जिद का निरीक्षण करने पहुंचे एएसआई अधिकारियों से अभद्रता के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दूसरे आरोपी काशिफ खान की तलाश जारी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।


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