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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 28 Feb 2026, 04:49 pm
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ब्राह्मण प्रबुद्ध समागम उस वक्त विवादों में घिर गया, जब पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा सांसद दिनेश शर्मा के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। कार्यक्रम के दौरान यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद कर रहे लोगों ने जब उन्हें इस विषय पर बोलते नहीं सुना तो नाराजगी खुलकर सामने आ गई। बताया जा रहा है कि वह मुश्किल से एक मिनट ही बोल पाए थे कि हॉल में हंगामा और हूटिंग शुरू हो गई। शोर-शराबे के बीच उन्होंने अपना भाषण अधूरा छोड़ दिया और “भारत माता की जय” के नारे लगाते हुए मंच पर बैठ गए। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
अलंकार अग्निहोत्री को भी रोका गया, समर्थकों ने की नारेबाजी
कार्यक्रम में कई राजनीतिक दलों के ब्राह्मण नेता मौजूद थे। इनमें पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा, यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय और कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी शामिल रहे। इसी बीच निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री जब बोलने के लिए खड़े हुए तो आयोजकों ने उन्हें टोक दिया। बताया गया कि उनसे कहा गया कि मंदिर या चंदे जैसे विषयों पर न बोलें और मुद्दे पर बात करें। इस पर हॉल में मौजूद कुछ लोगों ने उनके समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। हालात ऐसे बने कि उन्हें बीच में ही बैठना पड़ा। बाद में विरोध के बीच अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र त्रिपाठी उन्हें दोबारा मंच पर लाए और माला पहनाकर सम्मानित किया।
ब्रजेश पाठक ने दिया भरोसा, लेकिन हॉल हुआ खाली
कार्यक्रम से बाहर निकलते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ब्राह्मण समाज के साथ खड़ी है और उनकी चिंताओं को समझती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। हालांकि जब वह मंच पर पहुंचे, तब तक जुपिटर हॉल लगभग खाली हो चुका था। कार्यक्रम के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर भी सवाल उठे। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें बोलने से रोका गया, लेकिन जनता उनका समर्थन कर रही थी। पूरे घटनाक्रम ने समागम को एकता के मंच से ज्यादा राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया।
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