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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Feb 2026, 03:21 pm
लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस स्थित गंगा हॉस्टल में मेस के खाने को लेकर गुरुवार को फिर हंगामा हो गया। बीबीए की छात्रा कशिश की तबीयत सुबह खराब होने के बाद छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि दूषित भोजन खाने से छात्राएं बीमार हो रही हैं। सूचना मिलते ही कुलपति और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे। इस दौरान आक्रोशित छात्राओं ने मेस में ताला लगा दिया और कुलपति के आने तक खोलने से इनकार कर दिया। बाद में वार्ता के बाद ताला खुला और दोपहर का भोजन तैयार हुआ। छात्राओं का कहना है कि वे लंबे समय से मेस की गुणवत्ता और प्रशासनिक रवैये को लेकर शिकायत कर रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
प्रोवोस्ट हटाने की मांग, जांच के निर्देश
छात्राओं ने प्रोवोस्ट को हटाने की मांग पर जोर दिया। उनका आरोप है कि पहले भी तीन छात्राएं बीमार हुई थीं, लेकिन समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिली। कुलपति ने कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा को मेस संचालक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और पांच सदस्यीय जांच समिति गठित करने की बात कही। प्रशासन ने यह भी तय किया कि सप्ताह में एक दिन कुलपति न्यू कैंपस में बैठेंगे। अतिरिक्त मुख्य प्रोवोस्ट को निर्देश दिया गया कि छात्रावासों में रोज एक घंटे बैठक कर छात्राओं की समस्याएं सुनी जाएं। डाइनिंग एरिया में 25 प्रतिशत अतिरिक्त फर्नीचर और भोजन परोसने में महिला कर्मियों को प्राथमिकता देने का भी फैसला लिया गया।
FSDA जांच, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
छात्राओं के विरोध के बाद एफएसडीए टीम ने हॉस्टल मेस का निरीक्षण किया। प्रशासन का कहना है कि जांच में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच मेस से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने से मामला और तूल पकड़ गया। छात्राओं का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर दबाव बनाया जाता है और उन्हें निशाना बनाया जाता है। फिलहाल प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया है, लेकिन छात्राएं आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
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