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Hindi Now Uttar Pradesh • 15 Jan 2026, 10:07 am
प्रयागराज माघ मेले में आज मकर संक्रांति के पावन स्नान पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड और 7 डिग्री तापमान के बीच तड़के 4 बजे से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जय गंगा मैया और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार सुबह 7 बजे तक करीब 15 लाख श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं, जबकि पूरे दिन में करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है। संगम क्षेत्र में हालात ऐसे हैं कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। स्नान के बाद श्रद्धालु लेटे हनुमान जी के दर्शन के लिए भी पहुंच रहे हैं। भीड़ के दबाव को देखते हुए फिलहाल अक्षयवट के दर्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, एआई और ड्रोन से निगरानी
माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। यूपी एटीएस समेत करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों को मेले में तैनात किया गया है। संगम और मेला क्षेत्र की निगरानी एआई आधारित सिस्टम, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार माघ मेले में करीब 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। 800 हेक्टेयर में फैले माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं। प्रयागराज के नैनी स्थित अरैल घाट की ओर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बढ़ती जा रही है। संगम स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है और प्रशासन भीड़ प्रबंधन को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
मेला सेवा ऐप लॉन्च, अन्य तीर्थों पर भी उमड़ी भीड़
कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला सेवा ऐप लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेला प्राधिकरण कार्यालय के सभागार में इस ऐप का विमोचन किया। इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पावर प्रेजेंटेशन के जरिए मेला व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 से 18 जनवरी के बीच होने वाले प्रमुख स्नान पर्वों को सकुशल संपन्न कराना बड़ी चुनौती है और सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी व तत्परता के साथ अपने दायित्व निभाने होंगे। वहीं, मकर संक्रांति के मौके पर अयोध्या, काशी और मथुरा में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
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