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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Dec 2025, 08:16 pm
आगरा में ऑनर किलिंग के एक सनसनीखेज मामले में रिटायर्ड दरोगा पिता का कबूलनामा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी पिता रणवीर सिंह ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि बेटी अपनी पसंद से रिश्ते में भतीजे लगने वाले लड़के से शादी करना चाहती थी। इससे पूरे परिवार की बेइज्जती हो रही थी। बार-बार समझाने के बावजूद जब बेटी नहीं मानी तो गुस्से और उसे मौत के घाट उतार दिया। उसने बताया कि वारदात वाले दिन बेटी से बहुत झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर मां ने बेटी के पैर पकडे और पिता ने डुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
रणवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि 24 अक्टूबर को बेटी अंशु यादव से इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बेटी ने विरोध करते हुए कहा कि “मार डालो”, जिसके बाद माहौल और बिगड़ गया। उसने कबूल किया कि पत्नी ने बेटी के पैर पकड़ लिए और उसने खुद दुपट्टे से उसका गला कस दिया। हत्या के बाद उसने अपने बेटे को फोन कर कहा कि “हमने अपना काम कर दिया है।” इसके बाद बेटे की मदद से शव को कार में डालकर मामा के घर ले जाया गया और फिर यमुना किनारे ठिकाने लगा दिया गया। बेटी की चीख सुनकर छोटा बेटा कमरे में आया था, लेकिन उसे चुप करा दिया गया।
यह मामला थाना मलपुरा क्षेत्र के विनायक गार्डन का है, जहां रिटायर्ड दरोगा अपने परिवार के साथ रहता था। मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के जसराना थाना क्षेत्र के गांव अवासी का रहने वाला यह परिवार सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से इस हद तक चला गया। मृतका अंशु यादव (35) पांच भाई-बहनों में दूसरी नंबर की बेटी थी। वह डीएलएड कर चुकी थी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रही थी। उसका अपने ही गांव के रिश्ते के भतीजे अनुराग से प्रेम संबंध था और दोनों शादी करना चाहते थे।
अनुराग के मुताबिक, पहले अंशु की मां ने इस रिश्ते पर सहमति जताई थी और दोनों से वादा भी लिया गया था कि समाज में बदनामी जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद परिजनों का रवैया अचानक बदल गया। अंशु को घर में प्रताड़ित किया जाने लगा और उससे बातचीत तक बंद करा दी गई। 24 अक्टूबर को अंशु ने अनुराग को एक वीडियो भेजा, जिसमें उसने अपनी जान को खतरा बताया था। अगले दिन सुबह उसने मां के मोबाइल से कॉल कर कहा था कि “ये लोग मुझे मार रहे हैं, बचा सकते हो तो बचा लो।” इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
अनुराग को अनहोनी की आशंका हुई और उसने जसराना थाने में शिकायत दी, लेकिन परिवार लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। बाद में पिता ने मलपुरा थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा दी, जिससे पुलिस भी भ्रम में पड़ गई। आखिरकार अनुराग ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।
डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा के अनुसार, युवती के भेजे गए वीडियो के आधार पर परिजनों पर शक गहराया। पूछताछ में भाई टूट गया और उसने हत्या की सच्चाई बता दी। रविवार को पुलिस ने इटावा के यमुना किनारे से शव के अवशेष बरामद किए, जिनकी पहचान अंशु यादव के रूप में हुई। इसके बाद पिता रणवीर सिंह, भाई गौरव यादव और मामा सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मां और मामी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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