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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 20 May 2026, 03:00 pm
सहारनपुर में जिला प्रशासन द्वारा जेल भेजे गए पांच लोगों की रिहाई के बाद समाजवादी पार्टी और कश्यप समाज के कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। थाना सदर बाजार क्षेत्र में देर रात तक चले धरने के बाद रिहा हुए लोगों को फूल-मालाएं पहनाई गईं और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इकरा हसन भी चर्चा में रहीं, जिन्होंने पहले थाना सदर बाजार में धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया था। रिहाई के बाद समर्थकों की भारी भीड़ मौके पर जुटी रही और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखाई दी। समाजवादी पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को दबाव में जेल भेजा गया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की कोशिशों को नजरअंदाज किया गया। देर रात तक क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बनी रही और समर्थक लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
पूर्व राज्य मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
जेल से बाहर आने के बाद पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शामली में हुई घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी और कश्यप समाज के लोग अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया गया। मांगेराम कश्यप ने आरोप लगाया कि असली आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज के लोगों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और पिछले दो महीनों में समाज के कई लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना था कि भाजपा नेताओं के दबाव में समाज के लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि उन्हें समझौते के लिए मजबूर किया जा सके।
डीआईजी कार्यालय में नहीं हुई सुनवाई का आरोप
मांगेराम कश्यप ने यह भी कहा कि जब वे सांसद इकरा हसन के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचे तो उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा गया और उनकी बात ठीक से नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और पीड़ित पक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कश्यप समाज के लोगों ने भी प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि समाज के लोगों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। समाजवादी पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
2027 चुनाव में जवाब देने की चेतावनी
पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कश्यप समाज को न्याय नहीं मिला तो समाजवादी पार्टी और कश्यप समाज सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सरकार को इसका जवाब देगी। नेताओं ने दावा किया कि समाज के लोगों में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है और आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी लगातार इसे सामाजिक न्याय और उत्पीड़न का मुद्दा बता रही है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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