लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का हंगामा, एलएलबी रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप, कहा- प्रोफेसर चपरासी से कॉपी चेक कराते हैं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 20 May 2026, 05:06 pm
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लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के आरोप को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों ने गलत अंक, रिजल्ट बदलने और कॉपियों की जांच में लापरवाही का आरोप लगाया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बुधवार को एलएलबी परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि एलएलबी के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी हुई है और कई छात्रों को गलत अंक दिए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कुछ मेधावी छात्रों को बेहद कम अंक मिले, जबकि कई छात्रों के परिणाम बार-बार बदले जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात रहा। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द रिजल्ट में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से दोबारा कॉपियों की जांच कराने और प्रभावित छात्रों को राहत देने की मांग की।


छात्रों ने नंबर देने में मनमानी का लगाया आरोप

बीए-एलएलबी छात्र सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में कॉपियों की जांच सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कई टॉपर छात्रों को 100 में सिर्फ 8 या 9 नंबर दिए गए, जबकि कुछ छात्रों को 90 से ज्यादा अंक मिले हैं। छात्रों का आरोप है कि इंटरनल मार्क्स में भी भारी गड़बड़ी हुई है। सौरभ ने कहा कि उन्होंने परीक्षा में 35 पेज की कॉपी लिखी थी, इसके बावजूद उन्हें फेल कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की जगह अन्य कर्मचारियों से कॉपियां चेक कराई जा रही हैं, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। छात्रों का कहना है कि रिजल्ट जारी होने के बाद लगातार बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।


कभी पास तो कभी फेल दिखा रहा रिजल्ट

छात्र मो. गुफरान ने बताया कि 5 मई को रिजल्ट आने पर उन्हें फेल दिखाया गया था। अगले दिन पोर्टल पर पास दिखाई देने लगा, लेकिन तीसरे दिन फिर से फेल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपनी शिकायत लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया। वहीं छात्र आयुष कुमार ने आरोप लगाया कि न तो उन्हें स्कॉलरशिप मिली और न ही रिजल्ट सही आया। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद बड़ी मुश्किल से फीस जमा की है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। छात्र मोहित त्रिपाठी ने बताया कि पहले उनके दो विषयों में बैक दिख रही थी, लेकिन कुछ दिन बाद चार विषयों में बैक लगा दी गई। छात्रों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।


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