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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 25 Feb 2026, 04:26 pm
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मनाई जाने वाली अनोखी ‘जूते मार होली’ एक बार फिर चर्चा में है। दशकों पुरानी इस परंपरा के तहत बड़े लाट साहब और छोटे लाट साहब के जुलूस निकाले जाते हैं। जुलूस में एक व्यक्ति को अंग्रेजी हुकूमत के प्रतीक ‘लाट साहब’ के रूप में भैंसा गाड़ी पर बैठाकर जूते और झाड़ू से प्रतीकात्मक रूप से प्रहार किया जाता है। मान्यता है कि यह परंपरा अंग्रेजों के प्रति ऐतिहासिक आक्रोश को दर्शाने के लिए शुरू हुई थी। आज भी इसे पूरे उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढका गया
होली से करीब आठ दिन पहले ही प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर आयुक्त विपिन मिश्रा ने बताया कि बड़े लाट साहब के जुलूस मार्ग में पड़ने वाली 72 मस्जिदों और मजारों तथा छोटे लाट साहब के रूट की 20 धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढका गया है। कुल 98 स्थानों पर बैरिकेडिंग की जा रही है, ताकि रंग या भीड़ से कोई विवाद की स्थिति न बने। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
बॉडी कैमरा और ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि जिले में परंपरागत रूप से 18 जुलूस निकलते हैं। कोतवाली, सदर बाजार और रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र को संवेदनशील माना गया है। इस बार पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा लगाकर जुलूस के साथ चलेंगे, ताकि हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी साथ रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि परंपरा और सांप्रदायिक सौहार्द दोनों को संतुलित रखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि यह अनोखी होली शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
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