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Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Aug 2025, 10:52 am
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बाद अब फतेहपुर में धार्मिक स्थल को लेकर सोमवार को दो समुदायों में टकराव हो गया। इस दौरान हजारों की संख्या में हिंदू संगठनों के लोग ईदगाह पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भीतर घुस गए और नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर रखे हरे झंडों को हटाकर भगवा झंडा गाड़ दिया गया। इस दौरान विशेष समुदाय के कुछ लोग उग्र हो गए और उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्होंने जमकर पत्थरबाजी भी की। घटना के दौरान मौके पर भारी पुलिसफोर्स मौजूद रही। मामला बढ़ते देख जिलाधिकारी रविंद्र सिंह व एसपी अनूप कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान किसी तरह हालात संभाले गए।
हिंदू संगठनों का कहना है कि मकबरे वाले स्थान पर हिंदू मंदिर होने का दावा कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने एक दिन पहले ही वहां पूजा करने का एलान किया था। उन्होंने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा था और पूजा से लेकर पूरे मामले का जिक्र किया था। जिसके बाद आज सुबह करीब 10 बजे बजरंग दल, हिंदू महासभा और अन्य संगठनों के लगभग दो हजार से अधिक कार्यकर्ता ईदगाह परिसर में स्थित पुराने मकबरे पर पहुंच गए। हिंदू संगठनों की तरफ से दिए गए ज्ञापने के बाद पुलिस पहले से ही अलर्ट थी और वहां बैरिकेडिंग लगा दी थी, लेकिन लाठी-डंडों से लैस कुछ लोगों ने उस मकबरे को मंदिर बताते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ युवक छत पर चढ़कर भगवा झंडा फहरा आए। जिसके बाद इस हंगामे ने उग्र रूप ले लिया।
हिंदू नेताओं ने बवाल के बीच की पूजा-पाठ
हिंदू महासभा के स्थानीय नेता मनोज त्रिवेदी भी भीड़ के साथ मकबरे के भीतर पहुंचकर पूजा-पाठ करने लगे। इस दौरान भगवा झंडा और धार्मिक अनुष्ठान देख मुस्लिम समुदाय के लोग नाराज़ हो गए और लगभग डेढ़ हजार लोग ईदगाह की ओर जुट गए। जल्द ही दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया, जिससे हालात बिगड़ गए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने लाठियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बावजूद तनाव इतना बढ़ गया कि 10 थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी। भीड़ को हटाने के बाद हिंदू संगठन के कुछ लोग पास के डाक बंगला चौराहे पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे और सड़क जाम कर दी।
छह जिलों के एसपी फतेहपुर के लिए रवाना
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी जोन प्रयागराज संजीव गुप्ता खुद मौके पर पहुंचे और फ्लैग मार्च कराया। ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी हो रही है। आदेशानुसार चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़ और कानपुर देहात के एएसपी को फतेहपुर भेजा गया है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इस घटना के बाद बीती पूरी रात मौके पर भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। पुलिस ने रातभर गस्ती की और अराजकों पर नजर बनाए रही।
डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज
एसपी अनूप सिंह ने बताया कि पहले से सुरक्षा बल तैनात था, लेकिन कुछ अराजक तत्व अंदर घुस आए। उन्हें बाहर निकाल दिया गया और उनके द्वारा लगाए गए झंडे को हटा दिया गया है। इस घटना में 10 नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। फिलहाल स्थल पर तीन कंपनियां पीएसी और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। एसपी ने लोगों से घरों में रहने और पुलिस को अपना काम करने देने की अपील की है।
शहर काजी ने की हंगामा न करने की अपील
शहर काजी सईदुल इस्लाम अब्दुल्ला ने मुस्लिम समाज से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें संयम रखना चाहिए। किसी भी तरह का विवाद सही नहीं है। प्रशासन अपना काम कर रहा है। उनके काम में सहयोग करें।
हिंदू संगठनों ने किया था पूजा का एलान
आबूनगर क्षेत्र की ईदगाह में स्थित नवाब अब्दुल समद का यह मकबरा करीब दो शताब्दी पुराना माना जाता है। चार दिन पहले हिंदू संगठनों ने इसे ठाकुर जी का मंदिर बताते हुए 11 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने का ऐलान किया था और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था। इसी कारण रविवार को ही डीएम और एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था, लेकिन सोमवार सुबह भीड़ के अचानक जुटने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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